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चलती कार में धू-धूकर लगी आग, चाचा-भतीजा के लिए फरिश्ता बने ई-रिक्शा चालक, बिना कोई देरी के अस्पताल में कराया भर्ती

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां चलती कार में आग लगने से चाचा-भतीजे गंभीर रूप से झुलस गए. जिसके बाद ई-रिक्शा ने दोनों को कार से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया.

By: Sohail Rahman | Published: October 3, 2026 1:58:24 PM IST



UP News: लावड़ रोड पर अझौता मोड़ के पास शुक्रवार को चलती सियाज कार में अचानक आग लग गई. हादसे में कार सवार चाचा-भतीजा झुलस गए. दोनों दिल्ली के भजनपुरा से इंचौली क्षेत्र के अंदावली गांव में रिश्तेदार के यहां जा रहे थे. भजनपुरा निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ कार से अंदावली जा रहे थे. काली नदी पार करने के बाद अझौता मोड़ के पास अचानक कार में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने पूरी कार को चपेट में ले लिया. दोनों ने कार से बाहर निकलने का प्रयास किया, जिसमें उनके हाथ और कमर झुलस गए.

सूचना पर पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. आग की लपटें देखकर राहगीरों के रुकने से सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को हटवाकर यातायात सुचारू कराया.

दौराला सीओ ने क्या कहा?

झुलसे सुरेंद्र और सार्थक को पहले सिवाया टोल प्लाजा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों को मोदीपुरम स्थित एसडीएस अस्पताल रेफर कर दिया. सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि कार में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. हादसे के समय कार में दोनों ही सवार थे.



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घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती

पुलिस ने घायल सुरेंद्र और सार्थन को सिवाया टोल प्लाजा के पास एक अस्पताल में भर्ती कराया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मोदीपुरम के SDS अस्पताल रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि एक अज्ञात ई-रिक्शा चालक सुरेंद्र और सार्थन के लिए फरिश्ता साबित हुआ. ये दोनों चाचा-भतीजे थे और अजहौथा मोड़ पर कार में आग लगने से झुलस गए थे.

गाड़ी से बाहर निकलने के बाद दोनों बेहोश हो गए थे. जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को अस्पताल में पाया, लेकिन उन्हें उस व्यक्ति का नाम नहीं पता था जो उन्हें वहां लाया था. सार्थक ने बताया कि बेहोश होने से पहले उसने एक ई-रिक्शा चालक को रुकते और उनकी मदद करते हुए देखा था, उसने झुलसी हुई हालत में उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाया था, उसके बाद उन्हें कुछ भी याद नहीं रहा.

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