Devar Bhabhi Extramarital Affair: उत्तर प्रदेश के संभल (चंदौसी) में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिसने दहेज प्रताड़ना और अवैध संबंधों का विरोध करने पर अपनी ही खूबसूरत पत्नी की हत्या कर डाली. जज ने सजा सुनाई के दौरान साक्ष्यों के अभाव में एक महिला को बरी कर दिया, जबकि 25500 रुपये का जुर्माना दोषी पति पर लगा है. यह पैसा जमा नहीं करने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि पति का अपनी ही भाभी से अवैध संबंध था. पत्नी ने घर में कई बार पति और उसकी भाभी को कमरे में आपत्तिजनक हालत में देखा. विरोध करने पर कई बार झगड़ा हुआ. नहीं मानने पर पत्नी मायके चली गई. पति मनाने लगा गया कि वह इस शर्त पर घर आएगी कि वह भाभी के साथ अवैध संबंध खत्म कर दे. पति के वादा करने पर पत्नी वापस ससुराल आई, लेकिन उसका इरादा कुछ और था. कसम खाकर पत्नी को घर लाए पति ने 2 दिन बाद उसे मौत के घाट उतार दिया.
भाभी से अवैध संबंध का विरोध पड़ा भारी
पूरा मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के भमौरी पट्टी गांव का है. चार साल पहले यह पूरी वारदात हुई. बहजोई के गांव लतीफपुर पचतौरा के रहने वाले विजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने बेटी अनीता (30) की शादी 12 साल पहले पहले राम रतन के साथ की थी. शादी के कुछ महीनों के बाद से ही बेटी अनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे. इस बीच अचानक एक रात अनीता की प्यास लगने की वजह से नींद टूट गई तो उसने अपने पति रामरतन को बिस्तर पर नहीं पाया. बगल के कमरे से आवाजें आतीं सुनीं तो वहां चली गई. सामने का नजारा चौंकाने वाला था. उसका पति रामरतन चचेरे भाई की पत्नी के साथ अवैध संबंध बना रहा था. सच्चाई सामने आते ही अनीता नाराज हो गई. अगले दिन जब पत्नी ने एतराज किया तो गुस्साए पति ने उसके साथ मारपीट की.
पत्नी को कसम देकर साथ ले गया था ससुराल
इस बीच कुछ दिनों बाद पिता को बेटी अनीता की मौत की खबर आई. इस पर उन्होंने हयातनगर थाने में 12 अप्रैल-2020 को बेटी अनीता की हत्या के मामले में भमौरी पट्टी के दामाद राम रतन समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया. उन्होंने पुलिस को बताया कि बेटी ने जब अवैध संबंधों का खुलासा किया तो वह उसे वापस घर लेकर आए गए.
फिर 10 अप्रैल 2020 को दामाद रामरतन गांव के संभ्रांत लोगों को लेकर उनके घर पहुंचा. उसने अपने कृत्य के लिए माफी मांगी और भविष्य में मारपीट ना करने और अवैध संबंध समाप्त करने की कसम खाकर अनीता को वह अपने साथ ले गया. 2 दिन बाद जब 12 अप्रैल को पिता विजेंद्र सिंह ने अपनी बेटी से बात करने के लिए फोन किया तो दामाद ने पहले तो बात कराने से मना किया गया फिर कुछ देर बाद खुद बोला कि उसे जान का खतरा है. इस पर डरे परिजन भमौरी पट्टी पहुंचे तो अनीता घर के अंदर मृत पड़ी मिली और ससुराल के लोग फरार थे.
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सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा, महिला को किया बरी
करीब 4 साल की कोर्ट में सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस की जांच के आधार पर अनीता के पति रामरतन, जेठ हरिओम, रामनाथ, अशोक और रामरतन के चचेरे भाई की पत्नी के खिलाफ मुकदमा चला. वहीं जांच के बाद पुलिस ने पति रामरतन और महिला को हत्या का दोषी माना और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की. गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय की ओर से रामरतन को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.