UP Chunav 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Chunav 2027) के लिए बीजेपी ने ‘4-C’ प्लान तैयार किया है. बीजेपी ने करीब 100 ऐसी विधानसभा सीटों की पहचान की है, जहां 2024 में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखकर बीजेपी अपनी कमजोर सीटों के लिए ऑपरेशन ‘फोर-सी’ पर काम करेगी. ये हैं कोऑर्डिनेशन, कैडर, कास्ट और कैंडिडेट. पार्टी ने ऐसी करीब विधानसभा की 100 सीटें चिह्नित की हैं जिन पर 2024 में प्रदर्शन कमजोर रहा था.
बीजेपी प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने 6 सितंबर को पहली बैठक की. इसके बाद राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और विनोद तावड़े ने 16 सितंबर को एक बैठक की, जिसमें सभी पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया. चर्चा का मुख्य फोकस उन सीटों की पहचान करना था जहां 2022 की तुलना में 2024 में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा. ऐसी लगभग 100 विधानसभा सीटों के लिए एक खास योजना तैयार की गई है और उन पर विशेष रूप से काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
बीजेपी ने बनाई योजना
इन सभी चर्चाओं के बाद बीजेपी ने एक योजना बनाई है. पहला पहलू है कॉर्डिनेशन, जिसको लेकर निर्देश दिया गया है कि शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक सभी स्तरों पर बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाए. खासकर इन कमजोर सीटों के लिए विधानसभा, जिला और मंडल (ब्लॉक) स्तर के पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक जाकर काम करना होगा. फीडबैक और लोगों तक पहुंचने के लिए एक सिस्टम भी बनाया जाएगा ताकि पहचानी गई कमियों को मिलकर दूर किया जा सके.
जातिगत समीकरणों पर रहेगा फोकस
जातिगत समीकरणों को प्रभावी ढंग से संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं. विधानसभा क्षेत्र के हर बूथ पर मतदाताओं की जातिगत संरचना का विश्लेषण किया जाएगा. जिन समुदायों में मतदाताओं की संख्या अधिक है, उनके बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए रणनीतियां बनाई जाएंगी, जैसे उन जातियों के प्रभावशाली लोगों की पहचान करना, उन्हें पार्टी में शामिल करना और अन्य समुदायों को भी साथ जोड़ना.
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बेहतर उम्मीदवारों का होगा चयन
उम्मीदवार का चयन एक अहम पहलू होगा. फोकस सिर्फ पार्टी के मौजूदा या पूर्व उम्मीदवारों तक सीमित नहीं रहेगा. इस दायरे से बाहर के संभावित मजबूत उम्मीदवारों पर भी विचार किया जाएगा. आदर्श उम्मीदवार वह है जिसका अपना प्रभाव हो और जिसमें पार्टी के पक्ष में वोट जुटाने की क्षमता हो. आसान भाषा में कहे तो जो उम्मीदवार जीतने लायक होंगे, ऐसे उम्मीदवारों की तलाश गंभीरता से की जाएगी.
बूथ कैडर पर जोर
बीजेपी की सबसे बड़ी मजबूती उसके बूथ लेवल के कार्यकर्ता हैं. जो बूथ लेवल तक एक-एक घरों में जाकर चुनाव प्रचार करते हैं. ऐसे में हर विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर पर कैडर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा. चुनाव से काफी पहले हर बूथ पर कमियों की पहचान की जाएगी और उसी के अनुसार अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी. मतदान से पहले ही किसी भी कमी को सक्रिय रूप से दूर किया जाएगा.
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