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UP Crime: बंद कमरे में मिली 3 लोगों की लाश, तीनों मूक-बधिर थे, पड़ोसियों ने दरवाजा खोला तो…

Prayagraj Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में किराये के मकान में रह रही पति-पत्नी और उनसे मिलने आई महिला की लाश मिली है. बताया जा रहा है कि तीनों मूक-बधिर थे.

By: Sohail Rahman | Published: August 5, 2026 4:57:12 PM IST



Prayagraj Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 2 महिलाओं और एक पुरुष की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि तीनों मूक-बधिर (बोलने-सुनने में असमर्थ) थे. इस घटना की जानकारी लोगों को तब लगी जब पड़ोसियों ने कमरे का दरवाजा खुला देखा और अंदर झांका. 3 लोगों के शवों को देखने के बाद हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत इकट्ठा किए गए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

कूड़ा बीनने का काम करते थे तीनों

बताया जा रहा है तीनों कूड़ा बीनने का काम करते थे. पति-पत्नी और साथ में एक महिला तीनों मिलकर एक साथ कबाड़ इकट्ठा कर स्थानीय कबाड़ी श्यामलाल को बेचते थे. जिस मकान में तीनों की लाश मिली है, वहां करीब 2 साल से रहते थे, पहले वो सड़क किनारे रहते थे. फिर कमरा किराये पर लेकर रहने लगे. फिर कुछ समय के लिए कमरा छोड़ दिया था और फिर दोबारा रहने के लिए आ गए थे.

कहां का है पूरा मामला?

ये पूरा मामला पुराने शहर के शाहगंज इलाके के गढ़ी कला मोहल्ले का बताया जा रहा है. गढ़ी कला मोहल्ले में सुशीला देवी का तीन मंजिला मकान है. वह अपने बेटे पंकज के साथ ग्राउंड फ्लोर पर रहती हैं; जो ऑटो चलाने का काम करता है. उनके पति का निधन हो चुका है. मारे गए पति-पत्नी पहली मंजिल पर रहते थे. इसके अलावा, दूसरी मंजिल पर 3 युवक अतुल सिंह, धनंजय सिंह और ऋषि सिंह रहते हैं. ये तीनों रेलवे स्टेशन पर खाने-पीने की चीजें बेचते हैं.

मकान मालकिन ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर मकान मालकिन का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह जोड़ा पिछले 6 महीनों से वहां रह रहा था और कबाड़ इकट्ठा करके उसे स्थानीय कबाड़ी श्यामलाल को बेचता था. चूंकि वे मूक-बधिर थे, इसलिए पड़ोस में कोई भी उन्हें उनके नाम से नहीं बुलाता था. सोमवार को एक महिला उनसे मिलने आई थी. इसके अलावा, सुशीला देवी ने कहा कि मैंने उसे पहले कभी नहीं देखा था.

रिश्तेदार समझकर मैंने उससे कोई सवाल नहीं किया. मैं रात 11 बजे सो गई थी. जब मैं मंगलवार सुबह उठी और बाहर निकली तो उनके कमरे का दरवाजा खुला था. मैंने पड़ोसियों से जांच करने को कहा. जब उन्होंने अंदर देखा तो पता चला कि तीनों की हत्या कर दी गई थी.

किरायेदार ने क्या कहा?

इसी मकान की दूसरी मंजिल पर रहने वाले हरदोई के किराएदार ऋषि सिंह ने बताया कि वह आठ महीने से उस घर में रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि रात में भारी चीज गिरने की आवाज सुनाई दी थी. ऐसा लगा जैसे किसी ने गैस सिलेंडर गिरा दिया हो. हालांकि, नींद में होने के कारण मैंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. सुबह उठने पर पता चला कि नीचे वाले कमरे में तीन लोगों की हत्या कर दी गई है.

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