Prateek Yadav Biological Father: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने बुधवार को सिर्फ 38 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकी मौत संदिग्ध हालात में हुई है, इसलिए पोस्टमार्टम का इंतजार किया जा रहा है. दरअसल, बेहोशी की स्थिति में आवास से प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रतीक यादव और भाई अखिलेश यादव के बीच एक दूरी है जो रिश्तों से लेकर सामाजिक-राजनीतिक स्तर पर भी नजर आती है. इसके एक वजह यह है कि प्रतीक यादव दरअसल मुलायम सिंह यादव के जैविक पिता नहीं हैं.
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं, लेकिन मुलायम सिंह के पुत्र नहीं हैं. साधना गुप्ता मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी हैं. उनकी पहली शादी चंद्र प्रकाश गुप्ता के साथ हुई थी. किन्हीं वजहों से साधना का चंद्र प्रकाश गुप्ता के साथ तलाक हो गया. साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी जबकि 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ. इसके बाद 1990 में चंद्र प्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया. इस लिहाज से प्रतीक यादव मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं, लेकिन पिता तो चंद्र प्रकाश गुप्ता ही हैं.
कैसे हुआ खुलासा?
दरअसल, मुलायम सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति वाले मामले की जांच के दौरान सीबीआई की ओर स्टेट्स रिपोर्ट में दाखिल हुई. इसमें बताया गया कि साधना गुप्ता और चंद्र प्रकाश गुप्ता की शादी 4 जुलाई 1986 को हुई, जबकि अगले साल 7 जुलाई 1987 को प्रतीक यादव का जन्म हुआ. था. अगली तीन साल तक रिश्ते खराब रहे फिर 1990 में दोनों के बीच औपचारिक तलाक हो गया.सीबीआई को प्रतीक यादव के एक रिकॉर्ड से पता चला था कि उन्होंने 1994 में अपने घर का पता मुलायम सिंह के आधिकारिक निवास को बताया था.
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2007 में पहली बार पता चला साधना-मुलायम के रिस्ते के बारे में
2000 में प्रतीक के अभिभावक के तौर पर मुलायम सिंह का नाम दर्ज हुआ है. उसके बाद मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह ने 23 मई 2003 को साधना गुप्ता से शादी करके उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया.सैफई परिवार में साधना गुप्ता की एंट्री अखिलेश की मां के मौत के बाद हुई. इन सबके बावजूद अखिलेश यादव या यादव समाज ने प्रतीक यादव को कभी स्वीकार नहीं किया क्योंकि प्रतीक के माता-पिता दोनों ग़ैर बिरादरी (वैश्य) से थे.