उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक स्कूल से बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित एएलएस अकादमी में नर्सरी के 5 वर्षीय छात्र की कथित तौर पर क्लास मॉनिटर ने 12 मिनट तक पिटाई कर दी. इस दौरान वह लगातार थप्पड़ मारती रही. घर पहुंचे बच्चे लाल गाल देखकर परिजन चौंक गए. इसके परिजन ने सीसीटीवी फुटेज देखी. बच्चे को थप्पड़ मारने वाली आरोपी छात्रा को स्कूल प्रबंधन ने निष्कासित कर दिया है.
बुधवार को स्कूल से घर लौटने पर कृदय के चेहरे पर सूजन और चोट के निशान दिखे। जानकारी मिलने पर परिजन स्कूल पहुंचे और कक्षा के सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. वहीं, बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराया गया.
पूरा मामला बुधवार का है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है. कक्षा की मॉनिटर छात्रा पूरी क्लास पर निगरानी रख रही थी. इस बीच 5 वर्षीय बच्चे की करीब 12 मिनट तक पिटाई की, जिससे उसके चेहरे और गाल पर चोटें आईं. पीड़ित वृंदावन सेक्टर-6 निवासी बृजेंद्र कुमार के उनका 5 वर्षीय बेटा कृदय यादव एएलएस एकेडमी में नर्सरी का छात्र है.
नर्सरी छात्र को मॉनिटर ने 12 मिनट तक थप्पड़ मारे सीसीटीवी में कैद हुई घटना, लखनऊ के स्कूल से छात्रा निष्कासित
लखनऊ पीजीआई वृंदावन योजना में स्थित एएलएस एकेडमी में नर्सरी के एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना बीते बुधवार की हैं। आरोप है कि कक्षा की मॉनिटर छात्रा… pic.twitter.com/gqinuw1jjA
— Mohammad Imran (@ImranTG1) July 16, 2026
मारे थप्पड़ और लात-घूसे
परिजनों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में क्लास मॉनिटर छात्रा बच्चे को लगातार थप्पड़ मारती रही. इस दौरान घूंसे मारते और बाल खींचते हुए भी दिखाई दी. वीडियो के मुताबिक, यह घटना कई मिनट तक जारी रही, लेकिन किसी ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया. इस दौरान क्लास में बैठे चुप रहे.
फुटेज की जांच में सच आया सामने
घटना से नाराज परिजन गुरुवार को दोबारा स्कूल पहुंचे और प्रशासन से जवाब मांगा. इस पर विद्यालय की प्रधानाचार्य आशा सिंह बिष्ट ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद घटना में शामिल छात्रा को निष्कासित कर दिया गया है. परिवार ने मामले की लिखित शिकायत पीजीआई पुलिस को भी दी है. पीड़ित बच्चे का नाम स्कूल से कटवा दिया है. परिजनों का कहना है कि घटना के समय क्लास में कोई टीचर नहीं था. अगर वहां टीचर होता तो यह घटना नहीं होती.