Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक आईटीबीपी का जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर कमिश्नर के दफ्तर पहुंचा. सिस्टम से जंग लड़ रहा बेटा अस्पताल पहुंचा, तो वहां हंगामा हो गया. आईटीबीपी जवान विकास ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी मां का हाथ कटा है. उन्होंने गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिसके कारण इंफेक्शन फैल गया और उनका हाथ काटना पड़ा. बेटे ने कहा कि वो अस्पताल प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना चाहता था और इसके लिए वो रेल बाजार थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन मिन्नतों के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की.
जानकारी के अनुसार, देश की रक्षा में तैनात ITBP (इंडो-तिब्बती बॉर्डर पुलिस) जवान थर्माकोल के डिब्बे में अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर कमिश्नरेट पहुंचा. पीले रंग की पॉलिथीन में से उसने हाथ बाहर निकाला, जिसके बाद हड़कंप मच गया. जवान ने अधिकारियों और मीडिया के सामने हाथ निकालकर रखा, तो सभी हैरान रह गए.
विकास सिंह ने अस्पताल पर लगाए आरोप
बता दें कि ITBP जवान विकास सिंह ने बताया कि 13 मई को उन्होंने अपनी मां को कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. उनकी मां को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके कारण वो उन्हें लेकर अस्पताल गए थे. विकास ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही से इंजेक्शन लगाया. इसके कारण उनके दाहिने हाथ में भयंकर इंफेक्शन फैल गया. इसके कारण उनकी मां की तबीयत और भी खराब हो गई.
संक्रमण से बचने के लिए काटना पड़ा हाथ
आनन-फानन में उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया. वहां पर डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि अगर इनकी जान बचानी है, तो उनका हाथ काटना पड़ेगा. 17 मई को डॉक्टरों ने विकास की मां का हाथ काट दिया ताकि संक्रमण उनके पूरे शरीर में न फैल जाए. विकास ने ये भी कहा कि मिन्नतों के बावजूद भी पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की.
कमिश्नर ने लिया एक्शन
इसके बाद वो अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर कमिश्नरेट पहुंचा. इस दौरान वो हाथ को मेडिकल किट में रखकर पहुंचा. इस मामले पर अफरातफरी मचने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने एक्शन लिया. उन्होंने कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मेडिकल बोर्ड गठित कर मामले की जांच कराने के आदेश दे दिए हैं.