उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस और जेल प्रशासन के भी होश उड़ गए हैं. जेल की सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक नाबालिग अपने प्रेमी से मिलने के लिए जिला जेल पहुंच गई, लेकिन चेकिंग के दौरान उसके बैग से जो निकला, उसने वहां खलबली मचा दी. मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में पता चला कि वह लड़की जेल के अंदर जाने के लिए फर्जी पहचान पत्र (आधार कार्ड) का इस्तेमाल कर रही थी और उसके पास से 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए. सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर POCSO एक्ट के तहत जेल में बंद प्रेमी से मिलने की यह खौफनाक दास्तान अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. आखिर एक नाबालिग लड़की जेल के भीतर इतने खतरनाक कारतूस लेकर क्यों पहुंची थी, और इस साजिश के पीछे का सच क्या है, आइए जानते हैं इस पूरी घटना की हर एक सनसनीखेज बात.
बैग से मिले 10 जिंदा कारतूस, फर्जी आईडी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना 6 अगस्त की दोपहर करीब दो बजे की है, जब गोण्डा जिला जेल में मुलाकातों का दौर चल रहा था. एक इंटरमीडिएट की छात्रा अपने प्रेमी से मिलने के लिए जेल के मेन गेट पर पहुंची. उसने दूसरे मीटिंग शिफ्ट के लिए मुलाकात की पर्ची जमा कराई थी, जिस पर उसने अपना नाम ‘वैष्णवी’ बताया था. लेकिन जब जेल कर्मियों ने एंट्री के वक्त उसके दस्तावेजों और पहचान की बारीकी से जांच की, तो उसके द्वारा दी गई जानकारी और पहचान मेल नहीं खाई. उसके अजीब जवाबों से सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ. इसके बाद, महिला जेल वार्डर ने दोनों सुरक्षा गेटों के बीच उसकी कड़ी तलाशी ली. जैसे ही उसका बैग खोला गया, अंदर का नजारा देख सबकी आंखें फटी रह गईं. बैग के अंदर से पिस्तौल और रिवॉल्वर के 10 जिंदा कारतूस और कुछ नकदी बरामद हुई. जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे अंदर जाने से रोक दिया और कारतूस, फर्जी आधार कार्ड व अन्य सामान के साथ नगर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया.
पिता के डर से किया खौफनाक कांड
पुलिस की कड़ी पूछताछ में उस नाबालिग लड़की ने जो खुलासे किए, उसने सबको चौंका दिया. लड़की ने पुलिस को बताया कि उसके पिता एक वकील हैं और उनके पास एक लाइसेंसी पिस्तौल है. उसने डरते हुए कहा कि उसे यह डर था कि कहीं उसका परिवार या पिता उसके इस रिश्ते और जेल जाने की बात पर कोई खौफनाक कदम न उठा लें, इसलिए उसने बिना किसी को बताए उस लाइसेंसी हथियार से 10 कारतूस चुपचाप निकाल लिए थे. हालांकि, पुलिस अब उसके इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वाकई ये कारतूस उसी लाइसेंसी हथियार से चुराए गए थे. इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि उसके पास मिला ‘वैष्णवी’ नाम का आधार कार्ड असली है या फर्जी, और उसे कहां से तैयार करवाया गया था.
कौन है प्रेमी और जेल में क्यों डाला?
जिस कैदी से मिलने यह नाबालिग लड़की जेल पहुंची थी, वह गोंडा की नगर कोतवाली क्षेत्र के छेडिपुरवा का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक को 15 जून को इस नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में पकड़ा गया था और 29 जून से वह POCSO एक्ट के तहत गोण्डा जिला जेल में एक अंडरट्रायल कैदी के रूप में बंद है. चौंकाने वाली बात यह है कि उस युवक का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ मारपीट समेत 8 अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं. सोशल मीडिया के जरिए दोनों की मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी और लड़की के मुताबिक, जेल में उससे मिलने की यह उसकी पहली कोशिश थी. फिलहाल, जेलर आफ्ताब अहमद अंसारी की शिकायत पर नगर कोतवाली में BNS की धारा 318(4) और आर्म्स एक्ट (अधिनियम 1959) की धाराओं 9, 25 और 30 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. सब-इंस्पेक्टर अर्पिता यादव इस पूरे मामले की गहन तफ्तीश कर रही हैं ताकि यह साफ हो सके कि इस खतरनाक साजिश के पीछे असल मकसद क्या था.
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