राजधानी दिल्ली के दक्षिण दिल्ली इलाके से एक ऐसी घिनौनी वारदात का खुलासा हुआ है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठेगा. एक पिता ने अपनी ही जवान बेटी को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि उसे पता चला कि उसकी अविवाहित बेटी गर्भवती है. परिवार की तथाकथित ‘इज्जत’ बचाने के नाम पर इस कलयुगी बाप ने ऐसा खूनी खेल खेला कि पुलिस भी सन्न रह गई. इलाज के झूठे बहाने से बेटी को उत्तर प्रदेश के आगरा ले जाकर चंबल नदी के बीहड़ों में डुबोकर मार डालने की यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है. शातिर पिता ने गुनाह छुपाने के लिए खुद ही थाने में गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी.
हत्या के बाद दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
यह पूरा सनसनीखेज मामला तब उजागर हुआ जब दिल्ली के तिगरी इलाके के रहने वाले लखपत ने पुलिस थाने पहुंचकर अपनी बेटी के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जब रूटीन जांच शुरू की और परिवार के बयानों को खंगाला, तो दाल में कुछ काला नजर आया. पुलिस का शक गहराया और जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी पिता टूट गया. उसने जो कबूला, उसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए. लखपत ने बताया कि जब उसे पता चला कि उसकी 18 साल की बेटी गर्भवती है, तो गुस्से में आकर उसने अपने दामाद के साथ मिलकर उसकी हत्या की खौफनाक साजिश रची.
इलाज का झांसा देकर चंबल में हैवानियत
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जुलाई को लखपत अपनी बेटी को यह कहकर दिल्ली से आगरा के बासौनी इलाके में लेकर आया कि उसका मेडिकल ट्रीटमेंट कराना है. आरोपी बेटी को लेकर चंबल नदी के उबड़-खाबड़ और वीरान बीहड़ों में पहुंचा, जहां उसने बड़ी बेरहमी से उसे नदी में डुबोकर मार डाला. स्थानीय सूत्रों की मानें तो आरोपी ने इस घिनौनी वारदात का मोबाइल पर वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसे पुलिस ने उसके फोन से रिकवर कर लिया है. कत्ल को अंजाम देने के बाद शातिर पिता वापस दिल्ली लौटा और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी ताकि किसी को शक न हो.
बारिश और बीहड़ों के बीच की शव की तलाशी
जुर्म का पर्दाफाश होने के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी पिता और उसके दामाद को हिरासत में लिया और उन्हें लेकर आगरा के उसी घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस ने चंबल नदी में शव को ढूंढने के लिए भारी-भरकम सर्च ऑपरेशन चलाया. लगातार हो रही बारिश और चंबल के खतरनाक, बीहड़ व पथरीले रास्तों के कारण बचाव दल को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. घटनास्थल तक सीधी सड़क न होने के कारण पुलिस और पीएसी (PAC) के गोताखोरों को लगभग 5 किलोमीटर पैदल चलकर नदी तक पहुंचना पड़ा. हालांकि, अभी तक युवती का शव बरामद नहीं हो सका है और गोताखोरों की टीम लगातार तलाश में जुटी हुई है.
24 घंटे के भीतर सामने आया दूसरी घटना
हैरानी की बात यह है कि उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में ऑनर किलिंग का यह मामला महज 24 घंटे के भीतर सामने आई दूसरी ऐसी खौफनाक घटना .। इससे पहले जैतपुर इलाके के प्रताप नगर में विमल शर्मा नामक एक शख्स ने अपनी 22 साल की बेटी अंकिता को इसलिए बेरहमी से घोंटकर मार डाला था क्योंकि उसने परिवार की मर्जी के खिलाफ आईटीबीपी (ITBP) के जवान से कोर्ट मैरिज कर ली थी. इन दोनों वारदातों ने एक बार फिर समाज में गहराई तक समाई कुप्रथाओं और इंसानी संवेदनशीलता के पतन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.