Home > उत्तर प्रदेश > महिला पहलवान केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी, फैसले के बाद गोंडा में पटाखे, मिठाई और नारेबाजी, समर्थकों ने कहा- सच की हुई जीत

महिला पहलवान केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी, फैसले के बाद गोंडा में पटाखे, मिठाई और नारेबाजी, समर्थकों ने कहा- सच की हुई जीत

Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted: उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता व पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है.

By: Shivashakti Narayan Singh | Published: August 3, 2026 6:42:21 PM IST



Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted: महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिलने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई. जैसे ही फैसले की जानकारी गोंडा पहुंची, कई जगहों पर समर्थकों ने मिठाइयां बांटी, पटाखे छोड़े और जुलूस निकालकर खुशी का इजहार किया. इस दौरान डीजे की धुन पर समर्थक नाचते दिखे और पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया.
 
दिल्ली की अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया. फैसले के बाद गोंडा स्थित उनके समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताते हुए जमकर जश्न मनाया. कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और वाहन रैली भी निकाली.

 बृजभूषण बोले- शुरू से कहा था मैं निर्दोष हूं

अदालत से राहत मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था. उनका कहना था कि उन्होंने शुरुआत से ही खुद को बेगुनाह बताया था और अब अदालत के फैसले ने उनकी बात को सही साबित कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर आरोप सिद्ध हो जाते तो वह किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार थे. उन्होंने भगवान का स्मरण करते हुए कहा कि अंततः सत्य की ही जीत हुई.

आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि पूरा मामला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था. उनके मुताबिक कुछ लोग उन्हें कुश्ती संघ की राजनीति से दूर रखना चाहते थे. उन्होंने कहा कि घटनाक्रम की समय-सीमा पर नजर डालने से कई बातें साफ हो जाती हैं और इस पूरे प्रकरण के पीछे राजनीतिक कारण भी रहे.

गोंडा में कई जगह हुआ जश्न

गोंडा में समर्थकों ने फैसले का स्वागत ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और मिठाई बांटकर किया. कई जगह वाहन रैली निकाली गई और समर्थक नारे लगाते नजर आए. स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें पहले से विश्वास था कि अदालत से न्याय मिलेगा.

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