Bareilly murder case: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. सुभाषनगर इलाके में सेवानिवृत्त दरोगा गजराज सिंह की बुजुर्ग पत्नी शारदा यादव की हत्या उनके मुंहबोले बेटे ने कर दी. कोर्ट ने नगर निगम टैक्स विभाग के संविदाकर्मी वरुण पाराशरी को जेल भेज दिया है.
बता दें कि आरोपी बुजुर्ग महिला पर 7 बीघा जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था और जब महिला ने मना किया तो उसने तैश में आकर उनकी हत्या कर दी.
क्या है पूरा मामला
आरोपी ने बताया कि उसने सेवानिवृत्त दरोगा की पत्नी शारदा यादव का भरोसा जीत लिया था, लेकिन वो उसे जायदाद नहीं दे रही थीं. उसने उन्हें मंदिर ले जाने के बहाने से बुलाया. उसके बाद कार में बातचीत के दौरान जब शारदा ने उसे लालची कहा तो उसने उनकी हत्या कर दी. सुभाषनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार नैन ने बताया कि आरोपी संविदा कर्मी वरुण पाराशरी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसने बताया कि उसकी सेवा से खुश होकर शारदा उसे बेटा मानती थीं और उसके नाम सात बीघा जमीन करने की बात भी कहती थीं. 2 मई को वरुण ने शारदा को फोन करके मंदिर जाने के बहाने बुलाया और जमीन अपने नाम करने के लिए कहा. शारदा ने साफ इन्कार कर दिया और कहा कि उनके तीन बेटे हैं, वह किसी और को संपत्ति कैसे दे सकती हैं.
इसके बाद गुस्साए वरुण ने शारदा पर हमला कर बेहोश कर दिया. इसके बाद शारदा का मुंह व नाक बंद कर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी. 3 मई की सुबह वरुण ने शव पीलीभीत जिले के जहानाबाद इलाके में कुकरी गांव के पास झाड़ियों में फेंक दिया था.
मृतक महिला के अंगूठे पर लगी थी स्याही
शव के पोस्टमार्टम के दौरान शारदा यादव के परिवार ने अंदर जाकर टीम से बात की. उन्होंने शव के अंगूठे की फोटो की मांग की क्योंकि उन्हें शक था कि आरोपी ने जबरन उनसे अंगूठा लगवा लिया होगा. टीम के सदस्यों ने जब जांच की तो पता चला कि शारदा के एक हाथ के अंगूठे पर नीली स्याही लगी थी. टीम ने उसका फोटो परिजनों को दे दिया.
वरुण के मन में आया लालच
वरुण को जब पता चला कि शारदा के नाम करीब 80 बीघा खेती की जमीन और स्कूल है, तो उसके मन में लालच आ गया. वरुण ने अपने पिता संजय पाराशरी से भी इस बारे में बात कर जमीन अपने नाम कराने की योजना बनाई थी. मृतक बुजुर्ग महिला के पति गजराज सिंह ने बताया कि वह एक स्कूल भी संचालित करते हैं. उसका हाउस टैक्स करीब 70 हजार रुपये आ गया था. इसे कम कराने के लिए वह और पत्नी शारदा प्रयास कर रहे थे. उस समय वरुण ने उनकी मदद की थी, जिससे उनकी जान-पहचान बढ़ गयी. उन्होंने बताया कि जब वह उनके घर आया तभी से वह उनकी पत्नी को मां कहकर संबोधित करने लगा.