उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध संबंधों और लालच के चलते एक पत्नी ने अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया. बाराबंकी के देवा मेले में घूमने के बहाने ले जाकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस और अदालत की सख्त कार्रवाई के बाद अब इस अंधे कत्ल की पूरी परतें खुल चुकी हैं. आरोपी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी/सुपारी किलर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. यह घटना मानवीय रिश्तों के पतन और क्रूरता की एक ऐसी दास्तां है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है.
भतीजे से अवैध संबंध, पति को उतार दिया मौत के घाट
मृतक हनुमंत लाल की पत्नी पूजा के अपने ही भतीजे के साथ अवैध संबंध थे. इन अवैध रिश्तों की चाहत में वह अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी. आए दिन होने वाले घरेलू कलह से तंग आकर पूजा ने पति की हत्या की साजिश रची. इसके लिए उसने लखनऊ के चिनहट के रहने वाले एक ई-रिक्शा चालक कमलेश को 1 लाख रुपये की सुपारी दी. योजना के तहत, 13 अक्टूबर की शाम को पूजा अपने पति हनुमंत लाल और आठ साल के बेटे के साथ देवा मेले में गई थी. मेले से लौटते समय ताहिरपुर मोड़ के पास इस वारदात को अंजाम दिया गया.
ऐसे रची हत्या की साजिश, फिर बता दिया एक्सीडेंट
मेले से लौटते वक्त साजिश के तहत पूजा ने ठंड का बहाना बनाकर पति की मोटरसाइकिल से उतरकर ई-रिक्शा में बैठ गई, जिसे कमलेश चला रहा था. इसके बाद रास्ते में पति को रोककर सिर पर लोहे की सरिया से जोरदार हमला कर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे एक सड़क हादसा बताने की कोशिश की. शुरुआत में पुलिस भी इस झूठ से भ्रमित हुई, लेकिन पुलिस की गहरी पूछताछ और सख्ती के आगे आरोपियों के होश उड़ गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
मासूम बेटे की गवाही से खुला राज
इस सनसनीखेज मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने मृतक के आठ साल के मासूम बेटे यश से बात की. पुलिस ने प्यार से ‘अंकल’ बनकर जब बच्चे से पूछताछ की, तो उसने सच से पर्दा उठा दिया. मासूम यश ने अदालत और पुलिस को बताया कि उसकी मां ने ही पिता को सरिया मारी थी. बच्चे की इस साहसी और सटीक गवाही ने मामले की दिशा बदल दी. अदालत ने गवाही और सबूतों के आधार पर आरोपी पत्नी पूजा और सुपारी किलर कमलेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, जिससे साबित हो गया कि पाप छिपता नहीं है.