UP Politics: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं लेकिन सियासी तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी बीच लखनऊ से सामने आए कुछ पोस्टरों ने यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. सवाल उठने लगा है कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा? इसी बीच सपा कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर में डिंपल यादव को 2029 में ‘ताज’ देने की बात कही गई है. इसके बाद डिंपल यादव के मुख्यमंत्री बनने की अटकलों को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं.
पोस्टर में क्या है?
शुक्रवार, 31 जुलाई को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर कई पोस्टर लगाए गए. इनमें एक पोस्टर पर लिखा था, “27 में अखिलेश का राज, 29 में डिंपल को ताज.” इस लाइन ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा. इसके बाद तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं. पोस्टर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार बना सकती है और 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद डिंपल यादव को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिल सकती है.
2029 में केंद्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका
हालांकि, यह सिर्फ पोस्टर में किया गया दावा और राजनीतिक अटकलें हैं. समाजवादी पार्टी की ओर से डिंपल यादव को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. पोस्टर में 2029 का जिक्र होने के बाद एक और राजनीतिक संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि अगर 2029 में विपक्षी गठबंधन की सरकार बनती है तो अखिलेश यादव केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. ऐसी स्थिति में वह केंद्र में मंत्री या किसी बड़े पद पर जा सकते हैं और उत्तर प्रदेश की कमान किसी दूसरे नेता को दी जा सकती है. इसी कयास को पोस्टर में डिंपल यादव के नाम से जोड़कर देखा जा रहा है.
राम मंदिर को लेकर भी लगाए गए पोस्टर
सपा कार्यालय के बाहर सिर्फ डिंपल यादव को लेकर पोस्टर नहीं लगाए गए.कुछ पोस्टरों में राम मंदिर और चंदे से जुड़े मुद्दों को भी उठाया गया है.इनमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव और राम मंदिर की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है. एक पोस्टर में चंदे और चढ़ावे से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हुए लिखा गया कि भगवान के नाम पर मिलने वाले पैसे का गलत इस्तेमाल करना गंभीर पाप है. क अन्य पोस्टर में चंदे से जुड़े आरोपों को आरक्षण के मुद्दे से जोड़कर निशाना साधा गया है.
छाते वाले पोस्टर ने भी खींचा ध्यान
सपा कार्यालय के बाहर अखिलेश यादव और डिंपल यादव की छाता लिए तस्वीर वाला पोस्टर भी लगाया गया.इस पर लिखा था, “छाता नहीं, जनता के भरोसे की छांव है.” बताया जा रहा है कि ये सभी पोस्टर प्रतापगढ़ के रहने वाले और खुद को समाजवादी सेवक बताने वाले हल्लू रामसुंदर यादव की ओर से लगवाए गए हैं. फिलहाल इन पोस्टरों ने यूपी की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है.