नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को बीजेपी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि प्री नर्सरी से 12वीं तक की एक शिक्षा नीति अपनाई जाएगी. अबतक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा अलग-अलग होती थी जो अब एक साथ होगी. इसके अलावा वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि डिजिटल माध्यम के जरिए शिक्षकों की ट्रेनिंग कराई जाएगी ताकि वो इंटरनेट के जरिए ही सीख और सिखा सकें. इसके अलावा वित्त मंत्री ने आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय शुरू करने का ऐलान किया है जो नवोदय विद्यालय की तर्ज पर ही खोला जाएगा. इसी के साथ वड़ोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी खोले जाने की भी घोषणा की है.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आखिरी पूर्ण बजट पेश किया, इस बजट में उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के लिए अपना पिटारा खोलते हुए महत्वपूर्ण ऐलान किया है. शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार अगले 4 साल में 1 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी. अरुण जेटली ने अपनी स्पीच में कहा कि सरकार का लक्ष्य 20 लाख बच्चों को स्कूल भेजने का है. लोकसभा में पेश हो रहे बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जो आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खोले जाने की बात कही है वह सभी स्कूल सर्वोदय के तर्ज पर खेले जाएंगे.

केवल इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी स्पीच में आगे कहा कि हर साल 1000 B.Tech छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी. इसी के साथ शिक्षकों के लिए एकीकृत बी.एड कोर्स की भी शुरुआत की जाएगी, 24 नए मेडिकल कॉलेज को भी खोला जाएगा. युवाओं को रोजगार मुहैया कराने पर भी वित्त मंत्री अरुण जेटली बोले, 70 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा.

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