Afganistan : अफगानिस्तान

Afganistan अफगानिस्तान में अमेरिका America  की भूमिका और बार बार अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी से खफा अफगानिस्तान के विदेशी मामलों में राजनीति के उपमंत्री मुहम्मद अब्बास स्टानिकज़ई को दो टूक शब्दों में इसका विरोध करते हुए कहा कि, अमेरिका रात के साए में अपने सैनिकों के साथ अफगानिस्तान से बाहर भागा था। रविवार को एक सभा में स्टानिकज़ई ने कहा कि अमेरिकी सेना ने बगराम एयरफ़ील्ड रात के अंधेरे में अफ़ग़ानिस्तान छोड़ कर निकले थे ना कि दिन के उजाले में।

अफगानिस्तान आजाद देश है समझे अमेरिका

विदेश उपमंत्री स्टानिकज़ई ने अपने कठोर शब्दों में कहा कि उनका देश अब आज़ाद हो चुका है और पिछले चार दशकों में पहली बार चार महीने से तालिबान अफ़ग़ान सरकार स्वतंत्र रूप से अपने फ़ैसले ख़ुद ले रही हैं.

उन्होंने अपने तेवर में कहा कि”दुश्मनों ( अमेरिका ओर सहयोगी ) को’’यह कतई नहीं सोचना चाहिए,कि उनका देश 40 साल के युद्ध लड़ कर कमज़ोर हो गया है लेकिन ज़रूरत पड़ी तो हम 40 साल ओर भी युद्ध लड़ सकते हैं.

देश की आर्थिक स्थिति पर जताई चिंता,

अफ़ग़ानिस्तान के विदेशी मामलों के उपमंत्री ने कहा, कि हर रोज़ सैकड़ों नागरिक आर्थिक समस्याओं के कारण अपना देश छोड़कर ईरान ओर दूसरे देश जा रहे हैं जिसमे से अधिकतर लोग सीमा पार करने में विफल रह जाते हैं इसमें या तो वो रास्ते में अपनी जान को देते है या बॉर्डर क्रॉस करते हुए। नागरिकों के इस राविए को देखते हुए उन्होंने अपने पड़ोसी देशों से मदद की गुहार लगाई है साथ ही कहा है कि उनका पड़ोसी देशों से अनुरोध है कि वे अफगानी शरणार्थियों के लिए बॉर्डर खोलने और वीज़ा नियमों में थोड़ा ढील दें, ताकि शांति बनी रहे।

नही जा सकती अनजान के साथ 72 किलोमीटर, परंतु कर सकती है जॉब

मोजूदा हालात को देखते हुए अफगानिस्तान में महिलाओं को दिए गए अधिकारों पर विदेश उपमंत्री स्टानिकजई ने कहा, कि अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों को नौकरी का अधिकार साथ ही वह शिक्षा भी हासिल कर सकती हैं लेकिन वे मान लें कि हमारी संस्कृति अन्य पश्चिम देशों की संस्कृति से अलग है. बताते चलें की कुछ समय पहले तालिबान सरकार के नए आदेश अनुसार 72 किलोमीटर से अधिक दूरी पर जाने वाली महिलाओं को पुरुष रिश्तेदार के बिना यात्रा करने की सुविधा नहीं पर रोक लगा दी है.

तालिबान सरकार को है चुनौती

विदेशी मामलों के उपमंत्री मुहम्मद अब्बास ने माना है किया कि अफगानिस्तान में लोगों के बीच आपसी एकजुटता और दुनिया भर के देशों के साथ संबंध बनाए रखना अफ़ग़िस्तान के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां हैं.

यह भी पढ़ें:

Sanjay Raut Reaction : इलेक्शन के आते ही फिर मंदिर की राजनीति, कुत्ते-बंदरों का खेल शुरू- संजय राउत

What is Right to be Funny क्या होता है राइट टु बी फनी?

 

SHARE