Sunday, September 25, 2022

सेटेनिक वर्सेस: सलमान रुश्दी ने ऐसा क्या लिखा कि कट्टरपंथी आग बबूला हो गये

सेटेनिक वर्सेस:

नई दिल्ली। साहित्य जगत में बड़ा स्थान रखने वाले सलमान रुश्दी पर शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित चौटौक्वा इंस्टीट्यूशन में चाकू से जानलेवा हमला हुआ है। हमले के तुरंत बाद रुश्दी को वहां से एयरलिफ्ट कर अस्पताल ले जाया गया, जहां अभी उनका इलाज चल रहा है।

सलमान रुश्दी कौन हैं? वो पिछले कई दशकों से कट्टरपंथियों के निशाने पर क्यों हैं? आइए जानते हैं…

आजादी के दिन हुआ जन्म

15 अगस्त 1947 जिस दिन भारत को सैकड़ो वर्षो की गुलामी के बाद ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिली थी, उसी दिन सलमान रुश्दी का जन्म हुआ था। वे मुंबई के एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार से संबंध रखते है।

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मिडनाइट चिल्ड्रेन से मिली प्रसिद्धि

सलमान रुश्दी ने 15 अगस्त 1947 को आजादी की आधी रात अविभाजित हिंदुस्तान में जो बच्चे पैदा हुए, उनपर एक नॉवेल लिखा था। जिसका नाम है- मिडनाइट चिल्ड्रेन। ये किताब इतनी प्रसिद्ध हुई कि उन्हें इसके लिए बुकर सम्मान मिला। ये रुश्दी का दूसरा नॉवेल था।

Midnight's Children - Disney+ Hotstar

सेटेनिक वर्सेस पर हुआ बवाल

रुश्दी ने साल 1988 में एक और किताब लिखी। जिसका नाम उन्होंने रखा सेटेनिक वर्सेस। उनकी इस किताब को लेकर पूरी दुनिया में खूब हंगामा हुआ। वो मुस्लिम कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए। किताब को लेकर बवाल और विवाद इतना बढ़ा कि लोग खून-खराबे पर उतर आए।

The Satanic Verses - 1988 Penguin Paperback Jacket by Rushdie, Salman: (1988) 1. Auflage Art / Print / Poster | Yves G. Rittener - YGRbookS

भारत में बैन की गई किताब

सेटेनिक वर्सेस पर बढ़ते बवाल को देखते हुए भारत में इस किताब को बैन कर दिया गया। इसके बाद साल 1989 में ईरान ने सलमान रुश्दी के खिलाफ फतवा जारी कर दिया। इसी किताब को लेकर कुछ ही दिन बाद मुंबई में एक दंगा हुआ। जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। ब्रिटेन की सड़कों पर भी कट्टरपंथियों ने रुश्दी के पुतले फूंके और किताब जलाई।

सलमान रुश्‍दी का ये नॉवल भारत में बैन, पर ऑनलाइन उपलब्‍ध है... - salman rushdie novel the satanic verses banned in india but pdf available on online - AajTak

दशकों तक सेफ हाउस में रहे

फतवा जारी होने और लगातार मिल रही जान से मारने की धमकी के बाद सलमान रुश्दी लगभग एक दशक तक सेफ हाउस में रहे। हालांकि इस दौरान भी उन्होंने लिखना जारी रखा। एक दशक बाद धीरे-धीरे उनका जीवन सामान्य हुआ और वो सार्वजनिक जीवन में वापस आए।

Salman Rushdie steps from behind alias - Los Angeles Times

सेटेनिक वर्सेस में ऐसा क्या था?

बता दें कि सलमान रुश्दी की चर्चा साहित्य की दुनिया में बुकर पुरस्कार जीतने वाली मिडनाइट चिल्ड्रेन के लिए कम होती है और सेटेनिक वर्सेस के लिए ज्यादा होती है। इसकी वजह बताई जाती है कि इस नॉवेल का विषय इस्लाम धर्म के खिलाफ है। रुश्दी ने अपनी इस किताब में पैगंबर मुहम्मद को झूठा और पाखंडी कहा है। उन्होंने पैगंबर की 12 बीवियों के लिए भी किताब में आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया हैं।

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