Thursday, August 11, 2022

पंजाब फ़तेह की भाजपा की रणनीति, कैप्टन बन सकते हैं एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

चंडीगढ़, बहुत जल्द कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ का भाजपा में विलय हो सकता है. दोनों दलों के बीच इस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है और अगले कुछ दिनों में इस पर अंतिम फैसला किया जा सकता है. इससे भाजपा को पंजाब में अपना आधार बढ़ाने में कुछ मदद मिल सकती है. कहा जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर भाजपा सिख समुदाय में अपनी पैठ बनाना चाहती है. भाजपा की इस रणनीति को कांग्रेस को एक और झटका देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है.

उपराष्ट्रपति बनाने की चर्चा

चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकती है. इससे भाजपा सिख समुदाय में एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश कर सकती है, जिसका लाभ उसे लोकसभा चुनाव और अगले पंजाब विधानसभा चुनाव में हो सकता है. वहीं, इससे वह कांग्रेस को एक मनोवैज्ञानिक झटका देने में भी सफल साबित हो सकती है.

अस्वस्थ हैं कैप्टन

दरअसल, कैप्टन अमरिंदर सिंह इस समय रीढ़ की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, उनका लंदन में ऑपरेशन हुआ है और फिलहाल वह आराम कर रहे हैं. उनका परिवार भी उनके साथ है, कहा जा रहा है कि इस बीमारी से उभरने में उन्हें थोड़ा और समय लग सकता है. स्वास्थ्य कारणों के चलते कैप्टन लंबे समय से अपनी पार्टी को समय नहीं दे पा रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में भी वे पार्टी को बहुत सही तरीके से संचालित नहीं कर पाए थे और लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री रह चुके कैप्टन अपनी पार्टी को पंजाब में एक मजबूत स्थिति में लाने में नाकाम रहे थे. पार्टी ने एनडीए के गठबंधन में पंजाब की 28 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन किसी एक सीट पर भी उसके उम्मीदवार ने जीत हासिल नहीं की.

 

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