महाराष्ट्र (Maharashtra) की उद्धव सरकार  एक बार फिर संकट में फंसती नजर आ रही है। राज्यपाल Governor भगत सिंह कोश्यारी ने प्रदेश में BMC कर्मचारियों के लिए शुरू की गई आश्रय योजना पर जांच की तलवार लटका दी है। राज्यपाल ने इस मामले में महाराष्ट्र के लोकायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि आश्रय योजना के तहत उद्धव सरकार बीएमसी BMC कर्मचारियों के लिए नए घर बना रही थी।

बीजेपी की मांग पर कार्रवाई

प्रदेश की विपक्षी पार्टी बीजेपी का आरोप है कि BMC और शिवसेना ने इस योजना के तहत करीब 1800 करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला किया है। बीजेपी के अनुसार योजना में सीवीसी (central vigilance commission) नियमों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ है। चूंकि नियमानुसार, यदि किसी टेंडर में कोई एक ही प्रतिभागी हिस्सा लेता है तो टेंडर वापस बुलाना चाहिए। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। इस मामले में BJP ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से शिकायत करते हुए न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की थी। हालांकि अब इस मामले में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने BMC की आश्रय योजना की जांच करने के अपने आदेश दे दिए हैं।

पहले भी आए हैं आमने-सामने

गौरतलब है कि पिछले दिनों हुए महारष्ट्र विधानसभा के स्पीकर के चुनाव में भी गवर्नर कोश्यारी और उद्धव सरकार के मतभेद उजागर हुए थे। सीएम की पार्टी चाहती थी कि चुनाव मे वॉयस वोटिंग की जाए। जबकि गवर्नर ने इसे असवैंधानिक करार देते हुए अपनी असहमति जताई थी। इससे पहले भी महाराष्‍ट्र में मंदिर खोलने के मुद्दे पर शिवसेना और राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी के बीच विवाद देखा गया था।

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