नई दिल्ली. Kabul Drone Strike :

काबुल एयरपोर्ट पर 26 अगस्त को हुए आंतकी हमले और उसके जवाब में अमेरिका द्वारा 29 अगस्त को काबुल में किये गये ड्रोन हमले में आतंकी नहीं 10 निर्दोष लोग मारे गये थे. इसके लिए अमेरिका के Defense Secretary Lloyd J Austin ने माफी मांगी है.

अमेरिका ने 29 अगस्त की घटना की जांच कराई थी और पुष्टि हो जाने के बाद माफी मांगी है. आपको बता दें कि 26 अगस्त को हुए फिदायीन हमले में 200 से ज्यादा लोग मारे गये थे जिसमें 13 अमेरीकी सैनिक भी शामिल थे. इस आतंकी हमले में एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे. तब अमेरिका की तरफ से कहा गया था कि दूसरा हमला होने वाला था जिसे रोकने के लिए ड्रोन स्ट्राइक किया है.

यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने कहा है कि 29 अगस्त को काबुल में ड्रोन हमले में 10 नागरिकों की मौत एक दुखद गलती थी, पीड़ितों के परिवारों के लिए ईमानदारी से और गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. अमेरिकी सेना ने जिस ड्रोन हमले में कार समेत ड्राइवर जेमारी अहमदी समेत दस लोगों को उड़ाया उसमें बम नहीं था, जांच में पता चला है कि हमले के दिन चालक जेमारी लोगों को काम पर छोड़ने और लाने का काम कर रहे थे. अमेरिका ने जिस कार में बम लोड करने की बात कही थी, वो विस्फोटक नहीं वो पानी के कनस्तर थे, जिन्हें अहमदी ने कार में रखा था.

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