नई दिल्ली : New Delhi

लाल रंग की पोशाक पहनकर सेंटा Santa पोटली बांधकर बच्चो के लिए ढेर सारे गिफ्ट लाते है। इसके बाद भी लोगो को मालूम नहीं की सेंटा एक इंसान थे। तो चलिए आपको बताते हैं क्रिसमस christmas के मौके पर की सेंटा आखिर कौन थे और बच्चों को गिफ्ट बांटने के पीछे क्या वजह है।

संत निकोलस कौन थे

क्रिसमस का त्योहार आते ही लोग खास तौर से बच्चे सेंटा का बहुत इंतज़ार करते है और क्रिसमस की एंट्री के बिना ये त्योहार भी अधूरा सा लगता है। लाल रंग की पोशाक पहनकर सेंटा पोटली बांधकर बच्चो के लिए ढेर सारे गिफ्ट लाते है। लेकिन लोगों को यह नहीं पता कि सेंटा एक इंसान थे। बच्चों को गिफ्ट बांटने वाला सेंटा एक इंसान थे, कोई काल्पनिक किरदार नहीं । संत निकोलस को सेंट के रूप में जाना जाता है, संत एक भिक्षु थे। जो गरीबों और बीमारों की घूम घूमकर मदद करते थे। वह यूरोप के लोकप्रिय संतों में एक थे।

क्रिसमस का त्योहार

अमेरिका में बहुत पहले क्रिसमस को त्योहार के रूप में भी नहीं मनाया जाता था और ना ही इस दिन कोई छुट्टी मिलती थी और ना सेंटा किसी को गिफ्ट देता था। यह त्यौहार इंग्लैंड में शुरू हुआ था और इसे एक जश्न के रूप में मनाया जाता था। तब से ही इस दिन को त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, सब लोग एक साथ रहते है।

क्रिसमस के दिन सेंटा बच्चों के लिए ढेर सारे गिफ्ट लाते हैं

सेंटा एक इंसान थे जो क्रिसमस के दिन पोटली में बच्चों के लिए गिफ्टी लेकर आते थे, सेंटा लाल रंग के कपडे पहनता थे। गोल मटोल सा दिखते थे। सेंटा ने शादी नहीं की थी, वह एक अकेले थे। बच्चों को गिफ्ट देना उनको हंसते हुए देखना सेंटा को बहुत अच्छा लगता था। सेंटा गरीबों और बीमार लोगो की मदद भी करते थे।

 

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