July 21, 2024
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BBC Documentary: दिल्ली-हैदराबाद और कोलकाता के बाद मुंबई पहुंचा डॉक्यूमेंट्री विवाद, टाटा इंस्टीट्यूट में स्क्रीनिंग का ऐलान

  • WRITTEN BY: Vaibhav Mishra
  • LAST UPDATED : January 28, 2023, 7:58 am IST

मुंबई। गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर देश में बवाल जारी है। दिल्ली, हैदराबाद और कोलकाता में स्क्रीनिंग को लेकर हंगामे के बाद अब यह विवाद मुंबई पहुंच गया है। मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में आज स्क्रीनिंग का ऐलान किया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि संस्थान की तरफ से इसकी अनुमति नहीं दी गई है।

छात्रों के ग्रुप ने मांगी थी इजाजत

जानकारी के मुताबिक टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में पढ़ने वाले छात्रों के एक समूह प्रोग्रेसिव स्टूडेंट फोरम (पीएसएफ) ने प्रबंधन ने कैंपस में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की इजाजत मांगी थी, लेकिन प्रबंधन ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद इजाजत नहीं मिलने के बावजूद पीएसएफ ने 28 जनवरी को शाम 7 बजे डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की घोषणा कर दी। फोरम ने कहा है कि प्रबंधन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद हम कैंपस में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करेंगे।

संस्थान ने जारी की एडवाइजरी

डॉक्यूमेंट्री प्रसारित करने के खिलाफ टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने कड़ा रुख दिखाया है। संस्थान ने कैंपस के अंदर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग न किए जाने को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि कैंपस के अंदर ऐसी किसी भी स्क्रीनिंग और सभा की अनुमति नहीं है जो शैक्षणिक माहौल को खराब करें और उसकी शांति को खतरे में डाले। यदि कोई भी छात्र इस प्रकार की गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जानिए क्या है डॉक्यूमेंट्री विवाद?

बता दें कि, बीबीसी ने साल 2002 में गुजरात में हुए दंगों को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनाई है। इंडिया: द मोदी क्वेश्चन नाम की इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर देश भर में विवाद शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने इस डॉक्यूमेंट्री को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। बैन के बावजूद कई विपक्षी दल इस डॉक्यूमेंट्री की स्पेशल स्क्रीनिंग करवा रहे हैं। देश के विश्वविद्यालयों में भी बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री को प्रसारित करने की कोशिश की जा रही है। इसे लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी, हैदराबाद यूनिवर्सिटी और कोलकाता के एक विश्वविद्यालय में विवाद हो चुका है।

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