Nalanda : नालंदा

Bihar, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से शराब पर पाबंदियां लगाई गई है तब से लोग चोरी छुपे शराब और अवैध काम करते हैं ऐसा ही नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा (Nalanda) में जहरीली शराब (Poisonous Liquor) पीने से 9 लोगों की मारे जाने की खबर है। जिस पर बड़ी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है ।

इस मामले में जोनल आईजी ( Zonel IG ) ने सोहसराय थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद ( SHO Suresh Parsad ) को सस्पेंड कर दिया । मौत के इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है । बताते चले कि देश के 5 राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं। देखा जाए तो बिहार में सहयोगी औऱ विपक्ष दोनों की सीएम नीतीश कुमार हमलावर हो चुके हैं। पूर्व सीएम जीतम राम मांझी की हिंदुस्तानी युवा मोर्चा ने मामले के बाद बिहार में शराब बंदी कानून खत्म करने की मांग उठाई है।

हिंदुस्तानी युवा मोर्चा ने उठाई आवाज़

जितम राम मांझी की हिंदुस्तानी युवा मोर्चा ने कहा है, कि नालंदा Nalanda में मौत की जहरीली शराब से ये तो साफ हो गया है, कि बिहार में शराबबंदी कानून पूरी तरह फैल हो चुका है । इस कानून को जल्द से जल्द खत्म कर देना चाहिए ।

केंद्र सरकार के कानून वापस लेने का दिया हवाला

मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा, कि जब केंद्र सरकार किसी कानून को बना कर वापस ले सकती है, तो फिर बिहार के मुख्यमंत्री शराबबंदी जैसे कानून को वापस लेने में पीछे क्यों हट रही है ।

सहयोगियों ने छोड़ा सीएम का साथ, साधा निशाना

दानिश रिजवान ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा, कि किसी भी कानून को वापस लेना प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है,

बल्कि आज बिहार के सभी जिलों में शराबबंदी के कारण जहरीली शराब मिल रही है उसके बारे में सोचना चाहिए । शराब के ज़हरीले होने से गरीब मौत की तरफ जा रहे हैं । ये सरकार के ऊपर अपने आप में सवालिया निशान है।

विपक्ष ने उठाई सीएम से इस्तीफे की मांग

नालंदा में हुए शराब कांड के बाद विपक्षी पार्टी आरजेडी ने बिहार के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर डाली । पार्टी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, कि बिहार में जिस तौर तरीके से जहरीली शराब से लगातार मौत होती आ रही हैं ये एक चिंता का विषय है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी सीएम नीतीश कुमार को लेनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ।

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