नई दिल्ली. आज संसद से दो बड़ी खबरें आईं. एक तरफ जहां सुबह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कुलभूषण जाधव को उनकी मां और पत्नी से मिलाने के नाम पर किए गए मजाक को लेकर पाकिस्तान को बेनकाब किया वहीं दूसरी ओर तीन तलाक पर लोकसभा में बिल पेश किया गया जिसपर बहस हुई और आखिरकार बिल पास हो गया. इस बिल के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेश किया जिसपर गरमागरम बहस के दौरान AIMIM के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने संसोधन पेश किए लेकिन सदन ने उसे खारिज कर दिया.

वहीं सरकार की तरफ से एम जे अकबर ने पुरजार तरीके से बिल के पक्ष में बयान दिया. लोकसभा में तलाक के इस मुद्दे पर जबर्दस्त चर्चा हुई. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम सियासत से नहीं बल्कि इंसानियत के चश्मे इस पूरे मामले को देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को अवैध बताए जाने के बाद भी अगर कोई इसे नहीं मान रहा है तो उसके लिए इसको अपराधिक बनाया जाना जरूरी है. असदउद्दीन ओवैसी ने एक कहानी के जरिए बताया कि सरकार इस कानून को लाकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के बचाने की जगह उन्हें और बड़ी मुसीबत में डाल रही है. कई तर्क वितर्क के बावजूद सरकार बहुमत के बल पर इस बिल को पास करवाने में समर्थ हुई लेकिन अब इस बिल को राज्य सभा में पास करा पाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है क्योंकि राज्य सभा में फिलहाल सरकार के पास बहुमत नहीं है. इस बिल को बजट सेशन के दौरान राज्य सभा में रखा जाएगा.

कुलभूषण जाधव पर सुषमा स्वराज के भाषण की बात करें तो उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने जाधव को उनकी मां और पत्नी से मिलवाने से पहले उन्हें अच्छी तरह से सिखाया पढ़ाया और बातचीत अपने अनुसार बनाया. हालांकि जाधव जब भी कहते थे कि मैं जासूस हूं तब उनकी मां कहती कि नहीं तुम एक बिजनेस मैन हो और खुद को वही साबित करो. इन दोनों ही मुद्दों पर इंडिया न्यूज के कार्यक्रम टुनाइट विद दीपक चौरसिया में चर्चा की गई.

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