पुणे :  भीमा-कोरेगांव से भड़की हिंसा के आरोपी और गुजरात से हाल ही में विधायक चुने गए दलित नेता जिग्नेश मेवाणी इस घटना के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए. मेवाणी ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. (VIS) दलित नेता मेवाणी ने दावा किया कि न तो वो कोरेगांव गए, ना ही भाषण दिया तो फिर उनके खिलाफ भड़काऊ भाषणा का मामला क्यों दर्ज किया गया? हालांकि, मीडिया में मेवाणी के कोरेगांव में होने की तस्वीरें आम हैं, वहीं पुलिस भी दावा कर रही है कि मेवाणी कोरेगांव में मौजूद थे.

जहां तक मेवाणी की बात है तो उन्होंने कहा कि 2019 में बीजेपी और आरएसएस को उनसे खतरा है. इस वजह से उन्हें टारगेट किया जा रहा है. मेवाणी ने कहा कि केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद ही ऊना, सहारनपुर और अब भीमा-कोरेगांव जैसी घटना हुई जिनमें दलितों को निशाना बनाया गया. इसके बावजूद पीएम चुप हैं. अपने आगे के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिग्नेश ने कहा कि 9 जनवरी को दिल्ली में वो युवा हुंकार रैली कर रहे हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने जाएंगे. उनके एक हाथ में मनुस्मृति होगी और दूसरे हाथ में संविधान होगा.

इस बीच भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी संभाजी भिड़े पहली बार मीडिया के सामने आ. संभाजी ने हिंसा फैलाने की घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया. संभाजी ने कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है. भीमा कोरेगांव में हिंसा फैलाने के मामले में पुणे की पिंपरी पुलिस थाने में केस दर्ज हो चुका है. पुलिस ने संभाजी भिड़े के खिलाफ एट्रॉसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। महाराष्ट्र के सांगली गांव में लोग इन्हें गुरुजी के नाम से जानते हैं.

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