नई दिल्ली. फिल्मकार संजयलीला भंसाली की अपकमिंग फिल्म पद्मावती 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली है. पद्मावती फिल्म लगातार विवादों में बनी हुई है. इस फिल्म के रिलीज से पहले बीजेपी के नेताओं ने चुनाव आयोग, सेंसर बोर्ड और सरकार को चिट्ठी लिखी है. अब इस फिल्म से राजनीतिक गलियारों में भी सियासत तेज होती जा रही है. दरअसल गुजरात में दिसंबर में चुनाव होने वाले हैं ऐसे में इस मामले से पूरा राजपूत समुदाय जुड़ गया है. राजपूतों ने बीजेपी को खुली चुनौति दे डाली है. अगर सरकार इस मामले पर एक्शन नहीं लेती है तो वो चुनाव में उन्हें राजपूतों के वोट नहीं मिलेंगे. 
 
गुरुवार को मुंबई में निर्देशक संजय लीला भंसाली से मिलने राजपूत समाज का प्रतिनिधिमंडल पंहुचा था. प्रतिनिधीमंडल ने मुंबई के अंधेरी में मौजूद भंसाली के दफतर जाकर एक पत्र सौंपा और मांग की, कि अगर बिना दिखाए फिल्म को रिलीज किया गया वो किसी भी थियेटर में फिल्म को चलने नही देंगे व इसका कठोर विरोध करेंगे. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है. केंद्र सरकार संजय लीला भंसाली से कहे की वो फिल्म पहले हमारे समाज के प्रतिनिधि मंडल को दिखाए नहीं तो गुजरात चुनाव में वो इसका असर दिखा देंगे. बता दें इससे पहले भी फिल्म के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हो चुके हैं. 
 
इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं राजपूत समुदाय का कहना है कि ये फिल्म चित्तौड़ राजवंश के इतिहास और तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है. गौरतलब है कि इस फिल्म को लेकर कई बार फिल्म सैट पर मारपीट तक की घटना हो चुकी है. जयपुर में लगे सैट पर संजयलीला भंसाली इस हिंसा की चपेत में आ गए थे. विरोधियों ने निर्देशक भंसाली के साथ भी मारपीट की थी. इसके बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर में शूटिंग की तैयारियां की गई. यहां भी अज्ञात लोगों ने वहा तोड़फोड़ और आगजनी कर दी थी.
 
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