कन्नूर: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मंगलवार से तीन दिनों के केरल दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने कन्नूर के मशहूर राजराजेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की. अमित शाह ने न सिर्फ जनरक्षा यात्रा को हरी झंडी दिखाई, बल्कि खुद 9 किलोमीटर की पदयात्रा में शामिल भी हुए. इंडिया न्यूज़ संवाददाता यतेंद्र शर्मा ने अमित शाह से एक्सक्लूसिव बातचीत की.
 
बातचीत में अमित शाह ने कहा कि केरल में जब-जब कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार आई है, तब-तब राजनीतिक हिंसा बढ़ी है. उन्होंने कहा कि जब से राज्य में कम्युनिस्ट सरकार सत्ता में आई है, तब से राजनीतिक हिंसा का दौर शुरू हो गया है. केरल की जनता को हिंसा की राजनीति बिल्कुल पसंद नहीं है. इसका अनुमान यात्रा के दौरान उमड़ा जनसैलाब से लगाया जा सकता है.
 
 
बातचीत में शाह ने कहा कि केरल में 120 से ज्यादा बीजेपी और संघ कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई. जिसके लिए सीधे-सीधे सीएम विजयन जिम्मेदार हैं. अमित शाह ने केरल में बीजेपी-संघ कार्यकर्ताओं की हत्या पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए. 
 
बता दें कि अमित शाह ने मंगलवार को राजराजेश्वर मंदिर में पूजा-पाठ के बाद कन्नूर में ही एक फोटो प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया. ये फोटो प्रदर्शनी बीजेपी और आरएसएस के उन कार्यकर्ताओं की याद में लगाई गई है. जिन्हें केरल की राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवानी पड़ी. फोटो प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद अमित शाह ने जनरक्षा यात्रा को हरी झंडी दिखाई. जन रक्षा यात्रा बीजेपी-आरएसएस के कार्यकर्ताओं की हत्या और मौजूदा कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ शुरू की गई है.
 
बता दें कि बीजेपी केरल में अपने कार्यकर्ताओं की हत्या की बढ़ती घटनाओं के विरोध में जनरक्षा यात्रा निकाल रही है. ये यात्रा कन्नूर के पयान्नूर से सूबे की राजधानी तिरुवनंतपुरम तक जाएगी. 15 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में हर रोज कोई न कोई केंद्रीय मंत्री या केंद्रीय नेता शिरकत करेगा. इस यात्रा में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी शिरकत करेंगे. योगी बुधवार को कन्नूर के पास केचेरी पहुंचेंगे. इसके साथ ही दिल्ली में भी 16 अक्टूबर तक बीजेपी कार्यकर्ता सीपीएम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करेंगे. इसके अलावा बीजेपी हर राज्य की राजधानी में एक दिन यात्रा निकालकर कम्युनिस्ट हिंसा का विरोध करेगी.
 
बता दें कि अमित शाह जून में भी केरल के तीन दिवसीय दौरे पर थे. गौरतलब है कि असम और जम्मू-कश्मीर में पार्टी की सरकार के गठन के बाद केरल और पश्चिम बंगाल दो ऐसे राज्य हैं, जिसे बीजेपी राजनीतिक रूप से काफी अहम मानती है. पार्टी इन दोनों राज्यों में सत्ता हासिल करने के लिए भरपूर कोशिश भी कर रही है.
 
 
बीजेपी ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में केरल की सभी 20 लोकसभा सीटों को रेखांकित कर जमीन तैयार करना अभी से शुरू कर दिया है. केंद्रीय मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी दी जा चुकी है. राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए ही केंद्र सरकार ने पिछले मंत्रिमंडल विस्तार में केरल से अल्फोंस कन्नथनम को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था.

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