नई दिल्ली: साध्वी से रेप के आरोप में जेल की हवा खा रहे राम रहीम पर हत्या के दो मामले भी है. राम रहीम पर जो आरोप लगा है वो बेहद संगीन है और इन आरोपों पर यकीन करने की वजह भी है क्योकि ये आरोप किसी ऐसे शख्स ने नहीं लगाए बल्कि उस शक्स ने लगाए है जो डेरा में सेवादार रह चुका है उसने अपनी आंखों से देखा है कि कैसे राम रहीम के डेरे में लाशों का घिनौना सौदा होता था और कैसे उनके अंगो की तस्करी की जाती थी.
 
पूर्व सेवादार गुरदास सिंह ने खुलासा किया है जो राम रहीम अंगों की तस्करी में भी लिप्त है. भारत में मानव अंगों की तस्करी में अधिकतम 10 साल की सज़ा और अधिकतम 1 करोड़ के जुर्माना का प्रावधान है,  ये कानून साल 2011 में बना था. मतलब अभी साध्वी रेप कांड में 20 साल की सज़ा भुगत रहा राम रहीम अगर इस मामले में फंसता है तो फिर वो 10 साल के लिए और सलाखों के पीछे जा सकता है और सज़ा के बाद कंगाल हो चुके राम रहीम को जुर्माना भी भरना पड़ सकता है. जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में सज़ा बढ़ाने का भी प्रावधान है.
 
बता दें कि हिंदुस्तान में ड्रग्स की तस्करी के बाद मानव अंगों की तस्करी ही सबसे ज्यादा होती है. धर्म के नाम पर चंदा लेने और कमाई के दूसरे छोटे साधनों से कभी भी राम रहीम की संपत्ति अरबों -खरबों रुपए की नहीं हो सकती थी. ये भी अपने आप में एक सवाल है कि कैसे चंदे के चमत्कार से राम रहीम ने अपनी पूरी की पूरी सल्तनत खड़ी कर दी. शक ये भी होता है कि राम रहीम कई तरह के गैर कानूनी धंधों में भी शामिल रहा हो.
 
डेरे में आने वाला हर शख्स इस राम रहीम को पापाजी पापाजी कहता था लेकिन ये पापाजी अपने बच्चों की बोटी-बोटी ना सिर्फ नोच रहा था बल्कि उसे बेच भी रहा था. आपको हैरानी होगी कि राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में किसी भी शख्स की मौत हो जाने के बाद उसे ना दफनाया जाता था और ना ही जलाया जाता था बल्कि मरे हुए शख्स का पूरा शरीर दान कर दिया जाता था.
 
ये डेरा में चली आ रही सबसे खौफनाक रवायत थी, खौफनाक इसीलिए क्योकि इसी रवायत के नाम पर राम रहीम इसानों के शरीर का सौदा कर लेता था. राम रहीम को मालूम था दफना कर और जलाकर तो शरीर मिट्टी हो जाएगा और मिट्टी का क्या मोल राम रहीम की शैतानी आखे इंसान के शरीर के उन अंगो पर थी जिन्हे बेचकर राम रहीम करोड़ो का मुनाफा कमाना चाहता था. 
 
दरअसल डेरा में जितने भी लोग आते वो सबसे पहले अपना तन मन धन..राम रहीम के हवाले करने की कसम खा लेते. ना सिर्फ कसम खाते बल्कि वो राम रहीम को शपथ पत्र पर लिख कर देते उनका ये शरीर राम रहीम का है. राम रहीम इस शरीर के साथ जो करे. 
लालची राम रहीम के इस तस्करी के रैकेट में सेवादार गुरदास सिंह ने ऐसे नामों को सामने लाया है जो राम रहीम के राइट हेंड थे. हम आपको एक बार फिर बता दे कि ये आरोप एक सेवादार के है इन आरोपों के पुख्ता होने का इंडिया न्यूज दावा नहीं करता.

 
राम रहीम पर मानव अंगों की तस्करी के जो आरोप लगे हैं और जिसने लगाए हैं वो दोनों कुछ गंभीर इशारे भी करते हैं. राम रहीम के पूर्व सेवादार गुरदास सिंह का आरोप है कि राम रहीम ने ऐसे डॉक्टर डैथ की पूरी की पूरी फौज खड़ी कर रखी थी जो लोगों की मौत के बाद उनके अंगों को निकालकर सुरक्षित ढंग से रखकर बाकायदा इस शैतानी काम को अंजाम देते थे.
 
अब गुरदास सिंह के आरोपों की जांच होगी तभी सच्चाई सामने आएगी लेकिन उनकी एक बात की पड़ताल इंडिया न्यूज़ ने की और वो कि डेरा सच्चा सौदा में बाकायदा एक अत्याधुनिक सुविधाओं का हॉस्टिपल मौजूद था. उसमें अलग अलग रोगों के इलाज के लिए बेहद उच्च सुविधाएं मौजूद थीं.
 
गुरदास सिंह का आरोप है कि लोगों के कल्याण के नाम खुले इस शाह सतनाम जी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में ही चलता था राम रहीम का अंगों की तस्करी का काम. यही वो मुख्यालय था जहां से राम रहीम ने मानव अंगों की तस्करी का अपना धंधा ऑपरेट करता था. इस हॉस्टिपल के कई अंग भी थे और ये कई एकड में फैला था. ये हॉस्टिपल इतने बड़े इलाके में फैला था और चूंकि ये डेरा सच्चा सौदा के अंदर स्थित था इसलिए यहां पर बिना राम रहीम की इजाजत के परिंदा भी पर नहीं मार सकता था.

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