नई दिल्ली: साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकुला की सीबीआई की विशेष अदालत ने बाबा राम रहीम को दो रेप केस में 20 साल की सजा सुनाई है. दो केस में सजा मिलते ही बाबा के कारनामों का चिट्ठा परत दर परत खुलने लगा है.

सीबीआई की चार्जशीट में एक बड़ा खुलासा हुआ है. जिसकी एक्सक्लूसिव कॉपी इंडिया न्यूज के पास है. इस कॉपी को पढ़कर आप खुद अनुमान लगा लेंगे कि बाबा के नाम लोगों की जिंदगी के बरबाद करने वाले इस ढोंगी बाबा ने डेरा की आड़ में क्या-क्या किया ?

वो विदेशों से मंगाकर एनर्जी ड्रिंक पीता था वो स्कूली लड़कियों से कुकर्म करता था. रात में उसके कमरे से लड़कियों के चीखने की आवाज़ आती थी. जी हां हम बात कर रहे हैं बलात्कारी बाबा राम रहीम की. रेप का दोषी करार दिए जाने और जेल जाने के बाद से राम रहीम को लेकर हर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं. आज स्पेशल रिपोर्ट में देखिए राम रहीम के 11 गुप्त राज़.

‘माफी’ का राज कैसे खुला ?
 
साध्वी ने बताया कि 28/29 अगस्त 1999 को रात 8 बजे डेरा प्रबंधक ने कहा कि बाबा गुरमीत सिंह ने गुफा में बुलाया है. जब मैं गुफा में गई तो बाबा अकेले थे. बाबा ने दरवाजा बंद करने को कहा, मैं जमीन पर बैठ गई. बाबा ने बेड पर पास आकर बैठने को कहा.
 
जब मैं हिचकिचाई तो बाबा ने दबाव डाला तब बेड पर जाकर बैठ गई. सबसे पहले बाबा ने मुझसे डेरा में रहते हुए अपने अनुभव के बारे में पूछा फिर जिंदगी में की गई गलतियों के बारे में पूछा. फिर बाबा ने माथे पर किस किया और शरीर के साथ खेलना शुरु किया.
 
ये सब होने के पहले तक मैं बाबा को भगवान समझती थी. बाबा ने कहा वो खुद को भगवान मानते हैं इसलिए तुम्हारी हर चीज पर उनका अधिकार है. मेरे विरोध का कोई असर नहीं हुआ और बाबा ने मेरा रेप किया.
 
 
बाबा ने जैसे ही रेप के बाद कहा कि उसकी सारी गलतियां माफ हो गईं. लड़की का सिर चकरा गया क्योंकि अक्सर बाबा की गुफा से जब कोई लड़की रात को लौटकर आश्रम में आती थीं तो दूसरी लड़कियां उससे पूछती थीं कि बाबा ने तुम्हे माफ किया कि नहीं. ये था बाबा का ‘माफी-कांड’ .
 
गर्ल्स हॉस्टल में बाबा के माफ करने का मतलब होता था बाबा ने उसका रेप किया कि नहीं ?  अब तक माफी शब्द का मतलब ये लड़की समझ नहीं पाई थी लेकिन रेप के बाद जैसे ही बाबा ने कहा अब उसकी सारी गलतियां माफ हो गईं. बाबा के माफी-कांड का मतलब एक झटके में समझ गई.
 
बाबा के शीशमहल का सीक्रेट कोड माफी डिकोड हो चुका था. रेप के बाद बाबा ने मुझसे कहा कि बाहरी दुनिया में रहने की वजह से मैं अपवित्र हो गई थी. बाबा ये सब करके मतलब रेप करके पवित्र कर रहे थे. इसके बाद बाबा ने फिर कहा आज के बाद से तुम्हारी सारी गलतियों को माफ किया.
 
बता दें कि साध्वी यौन शोषण केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद पंचकुला और हरियाणा के दूसरे इलाकों में हिंसा भड़कने से अब तक 38 लोगों की मौत हो गई है और करीब 300 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं.
 
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद से ही उनके समर्थकों ने पंचकूला समेत कई स्थानों पर हंगामा भी किया था. हिंसा के बाद से ही दिल्ली के सभी 11 जिलों में धारा 144 लागू कर दिया गया था. इसके साथ ही नोएडा में भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दिया गया था. गाजियाबाद में भी जिलाधिकारी ने कल सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया था. 
 
दिल्ली की मंगोलपुरी, जहांगीरपूरी और आनंद विहार इलाके में आगजनी और तोड़फोड़ भी की गई थी. DTC की दो बसें जलाई गई थी. दिल्ली के नंद नगरी और गोकुलपुरी में राम रहीम के समर्थकों द्वारा दो बसों को आग लगाई गई थी.
 
2 रेप के लिए 20 साल की जेल
 
बता दें कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को कोर्ट से दस साल की नहीं बल्कि बीस साल की सजा सुनाई गई है. जानकारी के मुताबिक रेप के दोनों मामलों में कोर्ट ने राम रहीम को दस-दस साल की सजा सुनाई है. यानी गुरमीत राम रहीम को बीस साल की सजा सुनाई गई है. सीबीआई के प्रवक्ता ने इस खबर की पुष्टि भी कर दी. 
 
ये सजा उन्हें अलग-अलग काटनी होगी. यानी दस साल सजा पूरी होने के बाद फिर उन्हें दस साल सजा काटनी होगी. राम रहीम पर कोर्ट ने 30 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है जिसमें से 14-14 लाख रूपये मतलब 28 लाख रूपये पीड़िताओं को दिए जाएंगे जिनके साथ राम रहीम ने कुकर्म किया. जबकि दो लाख रूपये कोर्ट में जमा होंगे.
 
हालांकि राम रहीम के वकीलों के मुताबिक वो कोर्ट के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे. लेकिन फिलहाल कोर्ट के आदेश के मुताबिक 2037 तक राम रहीम को जेल की हवा खानी होगी. इससे पहले आज रोहतक जेल में ही लगी कोर्ट में सीबीआई के स्पेशल जज ने सजा के एलान से पहले दोनों पक्षों को अपना अपना पक्ष रखने के लिए दस-दस मिनट का समय दिया था.
 
बता दें कि राम रहीम पर यह मामला 15 साल पहले का है. उस वक्त डेरा सच्चा सौदा की एक साध्वी ने राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था.
 
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सीबीआई को सितंबर 2002 में मामले की जांच का जिम्मा सौंपा. सीबीआई ने 18 साध्वियों से पूछताछ की जिनमें दो साध्वियों ने यौन शोषण की बात स्वीकार की थी. 
 
एक साध्वी ने बाबा पर यह आरोप लगाया कि शोषण शरीर को ‘पवित्र’ करने की बात कहकर किया गया था. सीबीआई ने जांच पूरी कर 2007 में जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी. इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से गवाही और बहस हुई. 
 

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