नई दिल्ली: विवादों में रहने वाले ओम बाबा पर सुप्रीम कोर्ट के बाहर क्यों हुआ हमला और बार-बार महिलाओं के निशाने पर क्यों आते हैं ओम बाबा? इस सवालों का सीधा जवाब हम स्वामी ओम से लेंगे जो हमारे साथ स्टूडियो में मौजूद हैं. स्वामी ओम के साथ उनके सहयोगी मुकेश जैन भी हैं जिनकी पिटाई सुप्रीम कोर्ट के बाहर की गई.
 
22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उसे अवैध ठहरा दिया. इस बीच ओम बाबा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. मीडिया ने उनकी राय पूछी तो ओम बाबा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत बता दिया. फिर क्या था वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूटा और उन्होंने ओम बाबा और उनके सहयोगी की पिटाई कर दी.
 
 
ओम बाबा के साथ कुछ ऐसा ही पिछले महीने 11 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ था. अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले को लेकर जंतर-मंतर पर पैंथर्स पार्टी प्रदर्शन कर रही थी. ओम बाबा वहां जबरन घुस गए. उन्हें देख कर कुछ महिलाओं ने उन्हें ढोंगी बाबा कह कर उनका विरोध किया. पहले दो महिलाओं ने उन्हें घेरा और उनकी पिटाई शुरु कर दी. ओम बाबा जान बचाकर भागे लेकिन महिलाओं और वहां मौजूद लोगों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. उन पर कुर्सियों से भी हमला किया गया.
 

स्वामी ओम के साथ मार-पीट की एक और घटना इसी साल 20 मई को दिल्ली में हुई थी. नाथूराम गोडसे की जयंती पर दिल्ली के विकासपुरी में एक कार्यक्रम किया गया था. कुछ आयोजकों ने बाबा को चीफ गेस्ट बनाया था. पहले तो मंच पर उनका फूल-माला से स्वागत हुआ, फिर एक महिला ने उनका विरोध शुरु कर दिया.
 
 
मौके की नजाकत को देखते हुए बाबा पहले स्टेज से नीचे उतरे और फिर वहां से निकल जाना बेहतर समझा लेकिन मंच के सामने ही उन्हें घेर लिया गया और उनकी पिटाई कर दी गई. पिटाई के दौरान उनका विग उतर गया और ये राज खुल गया कि उनके लंबे बाल असली नहीं नकली हैं.

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