नई दिल्ली: मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बारे में पाकिस्तान के झूठ की धज्जियां एक बार फिर उड़ गईं हैं. दाऊद कहीं और नहीं बल्कि पाकिस्तान में ही रहता है. वो दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए अलग-अलग नाम से ऑपरेट करता है. ये खुलासा ब्रिटेन ने किया है और इस खुलासे में दाऊद के वो तीन ठिकाने भी बताए गए हैं, जहां वो रहता है. सोमवार को ब्रिटेन ने एक लिस्ट जारी कर बताया कि दाऊद पाकिस्तान में है और इन्हीं 21 नामों से अलग-अलग ठिकानों पर रह रहा है. ब्रिटन ने कराची में दाऊद के तीन एड्रेस भी बताए हैं जबकि पाकिस्तान इनकार करता रहा है कि दाऊद उसके यहां छिपा है.
 
दाउद का पहला पता- हाउस नंबर 37, 30वां स्ट्रीट, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी, कराची
दूसरा पता- नूरबाद, कराची 
तीसरा पता- व्हाइट हाउस, सऊदी मस्जिद के पास, क्लिफ्टन, कराची 

 
विलियम शेक्सपियर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है लेकिन दाऊद का सारा खेल नाम से ही चलता है. ब्रिटेन ने दाऊद के 21 नामों का खुलासा कर उसे इसी खेल में मात देने की कोशिश की है. मुंबई के सीरियल ब्लास्ट में करीब 260 लोग मारे गए थे. उसके बाद दाऊद देश छोड़ कर भाग गया और 23 साल से इस मोस्ट वांटेड डॉन की तलाश भारत कर रहा है. कभी दुबई तो कभी पाकिस्तान को अपने बेस बना कर दाऊद ने अलग-अलग नाम से अपने काले कारोबार को एक लाख करोड़ तक पहुंचा दिया. इंटेलिजेंस ब्यूरो के मुताबिक उसका सालाना टर्नओवर 20 हजार करोड़ रुपए का है. इसमें ड्रग्स, पाइरेसी, सट्टेबाजी कसीनो, हथियारों की खरीद-बिक्री के अलावा मॉल, रियल एस्टेट और होटल का कारोबार शामिल है.
 
नेपाल के स्टॉक एक्सचेंज में उसने भारी बेनामी निवेश कर रखा है. कराची स्टॉक एक्सचेंज और पकिस्तान की कंस्ट्रक्शन कंपनियों में भी दाऊद ने करोड़ों रुपया लगा रखा है. मुंबई के एटीएस अधिकारियों के मुताबिक दाऊद ने 2011 में संकट से जूझ रहे पाकिस्तानी रेलवे की भी पैसों से मदद की थी. ऐसे धंधों के लिए दाऊद अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता है. अब्दुल शेख इस्माल, अब्दुल अजीज अब्दुल हमीद, अब्दुल रहमान, शेख मुहम्मद इस्माइल, अनीस इब्राहिम शेख मुहम्मद और बड़ा भाई ऐसे ही कुछ नाम हैं. ब्रिटेन की रिपोर्ट ने दाऊद के 21 नामों का खुलासा कर उसके तमाम कारोबार को जब्त और ठप करने की कोशिश की है जिनमें नाम बदल कर दाऊद ब्रिटेन की ज़मीन, उसके बैंकों या उसके नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा है.
 
 
दाऊद पर ब्रिटेन की कार्रवाई पाकिस्तान को ट्रंप की चेतावनी के तकरीबन साथ-साथ हुई है. दोनों ही देश दाऊद को आतंकवादी करार दे चुके हैं. दाऊद का संबंध अलकायदा से भी रहा है. इसके बावजूद पाकिस्तान ने दाऊद को पनाह दे रखी है. दूसरी तरफ, मोदी सरकार दाऊद को भारत लाने की कोशिश में जुटी है. ये बात गृह मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं. इस बीच मोदी सरकार दुनिया भर में फैले दाऊद के कारोबार को तहस-नहस करने की मुहिम में जुटी है. इस साल की शुरुआत में यूएई सरकार ने दाऊद की 15 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. ये कार्रवाई पीएम मोदी के यूएई दौरे के बाद हुई थी. भारत ने यूएई को दाऊद की संपत्ति का ब्योरा सौंपा था. भारत सरकार ब्रिटेन समेत 6 देशों से दाऊद की संपत्ति जब्त करने की गुजारिश कर चुकी है.

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