नई दिल्ली: महिला वर्ल्ड कप में हिन्दुस्तान की बेटियां बेशक खिताब लेकर नहीं आ पाई लेकिन इन बेटियों ने जो बदलाव लाया है वो बड़ा है क्योकि देश की ये 15 बेटियां अब करोडों बेटियों के लिए मिसाल बन चुकी हैं.  
 
क्रिकेट के मैदान में बहुत कम ही हुआ है जब कोई खिताब हार जाए लेकिन दिलों पर कब्जा कर ले. हिंदुस्तान की आधी से ज्यादा आबादी इससे पहले इन 15 शेरनियों का नाम तक नहीं जानती थी लेकिन अब इन चेहरों को कोई कभी नहीं भूलेगा. 
 
 
साल 2017 इन अदम्य साहस वाली बेटियों के नाम हो गया है. इनके हौंसले, इनके जज्बे इनकी हिम्मत के नाम हो गया है. इंग्लैंड में महिला वर्ल्ड कप में इन जांबाज बेटियों ने हिंदुस्तान को फख्र करने के इतने बेशुमार मौके दिए कि उसके सामने वर्ल्ड कप का ये खिताब ज्यादा अहमियत नहीं रखता.
 
अब पूरी दुनिया जानती है कि महिला वनडे में सबसे ज्यादा रन मिताली राज के हैं और सबसे ज्यादा विकेट झूलन गोस्वामी के हैं. हरमनप्रीत, स्मृति मन्धाना, पूनम राउत, पूनम यादव, वेदा कृष्णमूर्ति जैसे नाम अब हिंदुस्तान के घर-घर की बेटियों के लिए प्रेरणा का नया नाम बन चुके हैं.
 
 
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बेटियों को ट्वीटर पर बधाई दी सोशल साइट्स इनकी तारीफों के कसीदों से भरे पड़े हैं. 1983 वर्ल्ड कप की जीत ने हिंदुस्तान में क्रिकेट को धर्म बना दिया और उसको खेलने वाले पुरुषों को भगवान. साल 2017 में इन बेटियों ने ने भी वही किया.
 
पूरे के पूरे हिंदुस्तान को जोश से भर दिया है कि अब बेटियां भी दुनिया जीत सकती हैं. आज पूरा हिंदुस्तान सलाम कर रहा है इन गजब की जीवटता वाली मुट्ठी भर लड़कियों को जो मैदान के अंदर दुनिया जीतने गईं थीं और जब बाहर आईं तो इन्होंने दुनिया वाकई जीत ली.

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