नई दिल्ली: पूरी दुनिया में डायबिटीज कैपिटल कहे जाने वाले भारत में डायबिटीज का इलाज खोज लेने का दावा किया गया है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक डॉक्टर का ये दावा कितना सही है इसका इंडिया न्यूज दावा नहीं करता लेकिन अगर वाकई इस लाइलाज बिमारी का इलाज हो जाता है तो ये डायबिटीजके करोड़ों मरीजों के लिए अच्छी नही बहुत अच्छी खबर साबित होगी.
 
हिंदुस्तान के 5 करोड़ लोगों के लिए सबसे अच्छी खबर है और जिंदगी सामान्य ढंग से जीने का बड़ा वरदान है. ये दावा है इस दवा को ईजाद करने डॉक्टर प्रोफेसर नईम अहमद खान का. भारत को विश्व का डायबिटीज कैपिटल कहते हैं और दुनिया में सबसे ज्यादा डायबिटीज हिंदुस्तान में ही हैं.
 
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अजमल खां तिब्बिया कॉलेज के इलमुल अदविया डिपार्टमेंट के प्रोफेसर नईम खान ने 2013 में कई जड़ी बूटियों से ये दवा तैयार की है. पहले जानवरों पर सफल परीक्षण के बाद इसी साल जनवरी में कई मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किया गया और उसके नतीजे बेहतरीन रहे. 
 
इस दवा की दो दो गोलियां दिन में तीन बार खानी होती हैं और दावा है कि 15 दिनों में असर दिखना शुरू हो जाता है. डायबिटीज की अंग्रेजी दवाओं के उलट ये दवा ताउम्र नहीं खानी. ये मर्ज की गंभीरता पर निर्भर करता है कि दवा कितने दिन चलेगी. तिब्बिया कॉलेज में मुफ्त मिल रही इस दवा को अभी कोई नाम नहीं दिया गया है लेकिन इसको पेटेंट कराने की तैयारी शुरु हो गई है.

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