नई दिल्ली : इन दिनों कू ऐप काफी चर्चा में बना हुआ है. लेकिन, इस बीच एक फ्रेंच सिक्योरिटी रिसर्चर के हवाले से ये जानकारी मिली है कि Koo ऐप यूजर्स के लिए खतरा पैदा कर रहा है और सेफ नहीं है. दरअसल, फ्रेंच सिक्योरिटी रिसर्चर का कहना है कि कू ऐप से से यूजर्स के पर्सनल डेटा लीक हो रहा हैं. यह जानकारी उस समय सामने आयी है. जब केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद समेत कई बड़े नेता इसका इसका हिस्सा बन चुके हैं. ऐसे में कू ऐप पर कई सवाल खड़े हो गए हैं और इस ऐप का चाइनीज कनेक्शन भी बताया जा रहा है.

फ्रेंच साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर Robert Baptiste ने जब कू पर रिसर्च की तो उन्होंने यह पाया कि ये यूजर्स के लिए बिल्कुल सेफ नहीं है. क्योंकि इस ऐप से यूजर्स की ई-मेल ID, फोन नंबर्स और डेट ऑफ बर्थ जैसा डेटा लीक हो रहा है. वहीं डेटा लीक मामले पर कू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि ‘यूजर्स अपना प्रोफाइल डेटा ऐप में इसलिए एंटर करते हैं ताकी उसे प्लेटफॉर्म में उसे दूसरों से शेयर कर सकें. वहीं, पूरे प्लेटफॉर्म पर डिस्प्ले होता है. लेकिन, ऐप पर डेटा लीक होने के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. जब इसे केवल पब्लिक प्रोफाइल कहा जाता है, जिसे सभी यूजर्स देख सकते हैं.

साथ ही चाइनीज कनेक्शन पर कंपनी ने जवाब देते हुए कहा ‘कू इंडियन फाउंडर्स के साथ एक इंडियन कंपनी होने और यहां रजिस्टर्ड पर गर्व महसूस करता है. कू की पैरेंट कंपनी Bombinate टेक्नोलॉजीज में हालिया इन्वेस्टमेंट 3one4 कैपटिल के मोहनदास पाई का है, जो एक इंडियन इन्वेस्टर हैं. Shunwei, सिंगल डिजिट शेयरहोल्डर है, जिसने यूजर्स के सवालों का जवाब भारतीय भाषाओं में देने वाले हमारे दूसरे स्टार्टअप Vokal में इन्वेस्ट में किया था. अब Shunwei हमारी कंपनी पूरी तरह छोड़ रहा है.’

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