नई दिल्लीः ये बात हर उस व्यक्ति को हैरान और परेशान कर सकती है जो एंड्रॉयड फोन यूज करता है कि इंटरनेट पर जाना माना सर्च इंजन गूगल आपकी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखे हुए है. जिसमें आप कहा जाते हैं, क्या करते हैं के अलावा बहुत सी बाते हैं जो गूगल बिना आपकी मर्जी के भी जानता है और उसका पूरा रिकॉर्ड भी रखता है. चाहें आप अपने फोन में लोकेशन और सर्च सेटिंग बंद कर दें तब भी आपका डाटा गूगल से छिप नहीं पाता.

प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस रिसर्चर की पड़ताल में ये बात सामने आई है कि जांच करने पर पाया गया कि एंड्रॉयड और आईफोन में गूगल की कई ऐसी सर्विस हैं जो पर्सनल सेंटिग लागू करने के बाद भी आपकी लोकेशन पर नजर बनाए रखती है और उसको आपके गूगल अकाउंट में सेव रखती है. जिसका मतलब है कि लोकेशन ऑफ करने के बाद भी आपके उपर गूगल की नजर बनी रहती है. जिसपर गूगल का कहना है कि ऐसा करने से कंपनी को यह रिकॉर्ड रखने से यह सुविधा होती है कि इस वर्तमान में यूजर कहां है.

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद गूगल ने अपनी सफाई दी है लेकिन अगर गूगल के सपोर्ट पेज को देखा जाए तो गूगल ने इस मामले पर लिखा है कि ‘फोन में लोकेशन हिस्ट्री बंद करने के बाद आप कहां जा रहे हैं इस जानकारी को गूगल में स्टोर नहीं किया जा सकता. यह बात सच नहीं है. लोकेशन हिस्ट्री बंद होने की स्थिति में भी गूगल के कुछ ऐप ऐसे हैं जो ऑटोमैटिक ही आपकी लोकेशन डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं’.

गूगल द्वारा लागू की गई इस नई व्यवस्था से उन करोड़ों एंड्रॉयड यूजर्स की निजता पर खतरा मंडरा रहा है जो गूगल एंड्रॉयड का प्रयोग करते हैं और साथ ही गूगल मैप का प्रयोग करने वालों पर भी. मामला उजागर होने के बाद प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के पूर्व फेडल कमिशन इन्फॉर्समेंट ब्यूरो के चीफ टेक्नॉलजिस्ट ने बताया कि, ‘एंड्रॉयड यूजर्स द्वारा अपनी लोकेशन ऑफ करने के बाद भी गूगल द्वारा उसको ट्रैक करना गलत है. अगर आप यूजर को लोकेशन हिस्ट्री ऑफ करने की सुविधा दे रहे हैं तो फिर उसको रिकॉर्ड से बाहर ही होना चाहिए.

हिस्ट्री का रिकॉर्ड रखे जाने पर गुगल ने सफाई देते हुए कहा कि, ‘गूगल अपने यूजर को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है जिसके लिए लोकेशन का प्रयोग अलग तरीके से किया जा सकता है. जिसमें लोकेशन हिस्ट्री, वेब एंड ऐप की गतिविधि और दूसरे डिवाइस लेवल लोकेशन सर्विस शामिल है’

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