नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर युवाओं की अपेक्षा फेक न्यूज 65 या उससे अधिक आयु वाले लोग ज्यादा शेयर करते हैं. इसका खुलासा एक नए रिसर्च में हुआ है. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी द्वारा ‘ लेस दैन यू थिंक ‘ नाम से फेक न्यूज के लिए एक सर्वे कराया गया. इस सर्वे में 18 वर्ष से लेकर 65 से अधिक वर्ष की आयु के लोगों को शामिल किया गया. यूनिवर्सिटी ने अपने सर्वे में पाया कि जिनकी आयु 65 या उससे अधिक है वो लोग फेसबुक पर फेक कंटेंट ज्यादा शेयर करते हैं जबकि जिनकी आयु 18-29 के बीच है वो लोग फेक कंटेंट सोशल मीडिया पर कम शेयर करते हैं. इन दोनों आयु वर्ग के लोगों के बीच का अनुपात 11 से 3 प्रतिशत तक का था.

यूनिवर्सिटी ने यह सर्वे आयु, इनकम,जेंडर और शैक्षिक आधार पर किया था. जिसमे यह पाया गया कि सबसे ज्यादा फेक न्यूज 65 आयु या उससे अधिक के लोग शेयर करते हैं. यूनिवर्सिटी ने अपने स्टडी में यह भी बताया है कि ऐसे लोंग सोशल मीडिया पर फेक कंटेट इसलिए भी शेयर करते हैं क्योंकि चीजों की लेकर इनकी समझ कम होती है. 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में पूरे अमेरिका में फेक कंटेंट को लेकर बहस छिड़ी हुई थी.

फेक न्यूज भारत में ही नहीं पूरे विश्व में एक गंभीर समस्या बनी हुई है. लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं जिससे लोगों पर गलत प्रभाव पड़ता है. भारत में फेक न्यूज की वजह से कई बार वॉयलेंस भी हुए हैं.

कांग्रेस नेता राफिक अली ने नीलम का रेप किया, पीड़िता के भाई ने आरोपी का सिर काट दिया, ये है वायरल खबर का सच

एक्शन में Whatsapp,फेक मैसेज को रोकने के लिए भारत में शिकायत निपटान अधिकारी नियुक्त

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App