नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आम बजट 2018 पेश किया. अरुण जेटली ने अपने स्पीच में इस बात की घोषणा की दूरसंचार विभाग आईआईटी, चेन्नई के साथ साझेदारी में विकास केंद्र खोलेगी जो 5G टेक्नोलॉजी पर काम करेगी. 5G प्रौद्योगिकी को अभी भी विश्व स्तर पर मानकीकृत किया जा रहा है और भारत इस टेक्नोलॉजी के विकास में मुख्य भूमिका निभाने के लिए काम करने को तैयार है. 5 जी टेक्नोलॉजी इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मशीन-टू-मशीन इंटरनेट जैसे एप्लीकेशन को एनेबल करने में सक्षम होगी.

हालांकि, केंद्र सरकार ने पहले भी भारत में वाई-मैक्स (Wi-Max)जैसे प्रौद्योगिकियों सेंटर स्थापित करने की कोशिश की थी, लेकिन सरकार की ये नीति शुरू नहीं हो पाई थी. अब देखने वाली बात होगी की दूरसंचार विभाग ने नए केंद्र की स्थापना कैसे केरगी और क्या सरकार की ये नीति 5G टेक्नोलॉजी पर काम करने के लिए गुणवत्ता एइंजीनियर्स और शोधकर्ताओं को आकर्षित करने में सक्षम होगी.

सरकार की नीति है कि वह 2020 तक ग्लोबल मार्केट में 5G टेक्नोलॉजी को रोल-आउट कर सके. 4G के बाद अब सरकार 5G टेक्नोलॉजी को लेकर काम करनी की तैयारी में है. 4G टेक्नोलॉजी के तहत लोगों को 1GB/Second की स्पीड मिलती है लेकिन वहीं 5G टेक्नोलॉजी के तहत 20GB की स्पीड मिलेगी.

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