नई दिल्ली, शाओमी भारत विवाद पर अब चीन दूतावास ने भी अपनी प्रतिक्रिया दे दी है. पिछले दिनों इस चीनी कंपनी के 5,551 करोड़ रुपये से ज़्यादा रकम के फंड प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त कर लिए गए थे. कंपनी पर विदेशी मुद्रा विनिमय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था. अब भारतीय शाओमी और प्रवर्तन निदेशालय के बीच के इस विवाद पर चीनी दूतावास ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.

क्या बोला चीनी दूतावास?

भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता वांग जियाओजियान ने इस मामले में ट्वीट करते हुए लिखा है, हम उम्मीद करते हैं कि भारत चीनी कंपनियों के लिए एक निष्पक्ष और भेदभाव के बिना वाला कारोबारी माहौल मुहैया करवा सकेगा. उन्होंने आगे शाओमी भारत पर हो रही कार्रवाई पर आगे कहा, भारतीय पक्ष नियम-कानून के मुताबिक जांच कर सकता है. इसके अलावा नियम भी लागू कर सकता है ताकि चीन के अलावा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भारत में निवेश को लेकर विश्वास मजबूत हो सके.

शाओमी भारत ने लगाया था बद्सलूकी का आरोप

मालूम हो चीनी मोबाइल कंपनी शाओमी इंडिया ने पिछले दिनों कर्नाटक के हाई कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ उसके अधिकारियों के साथ बद्सलूकी का आरोप लगाते हुए याचिका दर्ज़ की थी. याचिका में ईडी पर आरोप था कि उनके कुछ अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान शाओमी शीर्ष अधिकारियों को मारपीट की धमकी दी गई और जोर–जबरदस्ती की गई.

क्या बोला था प्रवर्तन निदेशालय?

पिछले दिनों शाओमी की याचिका से जुड़े इन आरोपों का खंडन करते हुए ईडी ने अपना पक्ष रखा था और जवाब दिया था कि ‘वह एक आधिकारिक एजेंसी है जिस कारण वह केवल कामकाज के उच्च मानदंडों का पालन करती है. उन्होंने आगे बताया कि बेंगलुरु में शाओमी इंडिया के अधिकारियों से पूछताछ के दौरान किसी भी प्रकार की मारपीट, धमकी, जोर-जबरदस्ती नहीं की गई.’ ईडी के शब्दों में, “शाओमी इंडिया का ये आरोप बिल्कुल बेबुनियाद और झूठा है कि इसके अधिकारियों से पूछताछ के दौरान मारपीट की धमकी दी और जोर जबरदस्ती की गई.”

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