हमारे मोबाईल फोन के स्मार्ट होने के बाद अब टीवी, कारें और भी दूसरी चीजें भी स्मार्ट होती जा रही हैं. बेशक इससे इंसानी जीवन काफी आसान हो गया है लेकिन इस कड़ी में अगर मशीने इंसानी समझ को पा लेती हैं तो यह खुद इंसानों के लिए ही खतरनाक हो सकता हैं. 
 
ऐसा कहना है वैज्ञानिक स्टीफेंस हॉकिंग का. दरअसल हॉकिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चेताया है कि अगर मशीनों में कृत्रिम बुद्धि का विकास हो जाता है तो इंसान मशीनों के आगे बेहद कमजोर प्रजाति जैसे हो कर रह जाएंगे. इसे लेकर हॉकिंग ने कहा है कि ‘अगर ऐसा हुआ तो इंसान खुद अपनी बर्बादी को गढ़ने वाला जीव बन कर रह जाएगा.’
 
हॉकिंग ब्रिटेन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में लिवरहम फॉर द फ्यूचर ऑफ़ द इंटेलिजेंस के उद्घाटन के मौके पर अपनी बात रख रहे थे. यहां हॉकिंग ने कहा कि आज कम्प्यूटर और इंसानी दिमाग में ज्यादा फर्क नहीं रह गया है. ऐसे में अगर हम एआई का विकास करने में सफल होते हैं तो यह इंसानों की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी लेकिन अगर इससे निपटने के तरीके नहीं खोजे गए तो यह आखरी उपलब्धि भी साबित हो सकता हैं.
 
हॉकिंग ने चेताया कि मशीनों में समझ आ जाने के बाद अगर उनमें और इंसानों की विचारधारा में टकराव होता है तो नतीजे इंसानों को ही भुगतने पड़ेंगे. हालांकि हॉकिंग इसके सकारात्मक पक्ष को भी नकारते नहीं हैं. वह मानते हैं कि इससे इंसानो को फायदा भी बहुत होगा.

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