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Car Brake Pads: कार चलाते समय इंजन, माइलेज, टायर और सर्विसिंग पर तो ज्यादातर लोग ध्यान देते हैं, लेकिन ब्रेक सिस्टम की अनदेखी कर देते हैं. जबकि कार की सुरक्षा में ब्रेक सिस्टम की भूमिका सबसे जरूरी होती है. सड़क पर अचानक कोई गाड़ी सामने आ जाए तो ऐसे में ट्रैफिक में तुरंत गाड़ी रोकनी हो या तेज रफ्तार में इमरजेंसी ब्रेक लगाना पड़े, ऐसे हर मौके पर कार के ब्रेक ही आपकी सुरक्षा करते हैं. ब्रेकिंग सिस्टम के कई हिस्से होते हैं, लेकिन इनमें ब्रेक पैड एक ऐसा पार्ट है जो इस्तेमाल के साथ धीरे-धीरे घिसता रहता है.
आखिर कार में ब्रेक पैड बदलने की जरूरत कब पड़ती है. दरअसल, समय के साथ पैड की मोटाई कम होती जाती है और एक समय ऐसा आता है जब उसे बदलना जरूरी हो जाता है. समस्या यह है कि कई ड्राइवर ब्रेक पैड को तब तक नहीं बदलते जब तक ब्रेक में कोई बड़ी समस्या दिखाई न देने लगे.
1. ब्रेक लगाते समय तेज आवाज आने पर
अगर ब्रेक दबाते ही पहियों की तरफ से चीखने या फिर सीटी जैसी आवाज आए तो ऐसे में इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. कई मामलों में ब्रेक पैड के घिस जाने पर इसमें मौजूद वियर इंडिकेटर आवाज के जरिए ड्राइवर को संकेत देता है कि पैड की जांच कराने का समय आ गया है. हालांकि, हर आवाज का मतलब ब्रेक पैड खराब होना नहीं होता है. बारिश या नमी के कारण भी थोड़ी देर के लिए आवाज आ सकती है.
2. ब्रेक लगाते समय घिसने या रगड़ने की आवाज आए
अगर ब्रेक दबाने पर हल्की सीटी के बजाय टायर के रगड़ने जैसी आवाज आने लगे तो इसे गंभीर संकेत माना जाना चाहिए. ऐसा तब हो सकता है जब ब्रेक पैड का एक हिस्सा काफी घिस चुका हो और ब्रेक सिस्टम के दूसरे हिस्सों पर असर पड़ने लगा हो. ऐसी स्थिति में लंबे समय तक कार चलाते रहना नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में ब्रेक डिस्क भी खराब हो सकती है और फिर केवल ब्रेक पैड बदलने के बजाय डिस्क की मरम्मत या रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ सकती है.
3. ब्रेक लगाने पर कार पहले से ज्यादा दूरी में रुकने पर
अगर आपको महसूस हो कि पहले जहां, कार आसानी से रुक जाती थी, अब उसे रोकने के लिए ज्यादा दूरी चाहिए, तो ब्रेक सिस्टम की जांच जरूर करवाएं. खराब या घिसे हुए ब्रेक पैड इसके पीछे का एक कारण हो सकते हैं. इसके अलावा टायर की स्थिति, ब्रेक फ्लूइड, ब्रेक सिस्टम में अन्य खराबी और सड़क की स्थिति भी ब्रेकिंग को प्रभावित कर सकती है.