what is Flex Fuel: भारत में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें वाहन चालकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में समय-समय पर होने वाले बदलाव का सीधा असर आपकी कार और जेब पर पड़ता है. देखा जाए तो इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का समाधान माना जा रहा है, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, कीमत और बैटरी से जुड़ी समस्याओं के चलते लोग कई बार ईवी लेने में सोचते हैं. लेकिन, ऐसे में अब एक नई तकनीक देशभर में काफी पॉपुलर हो रही है. हाल ही में Flex Fuel बाइक और कारें लॉन्च की गई हैं, जो फ्यूल की निर्भरता को कम करती है.
लेकिन, कई लोगों के मन में अभी भी ये सवाल हैं कि आखिर फ्यूल फ्लेक्स क्या होता है. आखिर ये काम कैसे करता है और इसके क्या फायदे नुकसान हो सकते हैं. चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.
क्या होता है Flex Fuel?
Flex Fuel एक ऐसा ईंधन है, जिसमें पेट्रोल और एथेनॉल का मिश्रण होता है. Flex Fuel वाली कारें और बाइकें ऐसे इंजन और फ्यूल सिस्टम से लैस होती हैं, जो अलग-अलग अनुपात में पेट्रोल और एथेनॉल के मिश्रण पर चल सकते हैं. आजकल जो गाड़ियां चल रही हैं वे केवल डीजल और पेट्रोल पर ही चल रही हैं, लेकिन फ्लेक्स-फ्यूल इंजन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे पेट्रोल में 20 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक इथेनॉल के मिश्रण को आसानी से चल सकेंगी. भविष्य में इस दिशा में अन्य वाहनों को भी जल्दी लॉन्च किया जा सकता है, जो फ्लेक्स फ्यूल के साथ चलती हैं.
Flex Fuel के फायदे और नुकसान
देखा जाए तो फ्लेक्स फ्यूल के कई फायदे और नुकसान होते हैं. इसका इस्तेमाल करने से ईंधन पर खर्च कम आता है साथ हगी साथ एथेनॉल की कीमत पेट्रोल से कम रहती है, इसलिए इससे आपकी बचत हो सकती है. वहीं, इस टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करने से पेट्रोल पर आपकी निर्भरता कम होती है. देखा जाए तो यह टेक्नोलॉजी पर्यावरण के लिए भी काफी बेहतर मानी जाती है साथ ही साथ इससे किसानों को भी काफी लाभ होता है. वहीं, दूसरी ओर नुकसान की बात करें तो इस टेक्नोलॉजी से कार की माइलेज पर असर पड़ सकता है. वहीं, दूसरी ओर शुरुआत में इस फ्यूल की उपलब्धता में भी समस्या हो सकती है.