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Supreme Court on Vehicle Insurance: नई गाड़ियों के इंश्योरेंस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, बदले जाएंगे नियम, जानें कितना होगा प्रीमियम

हालांकि, इसका सीधा कनेक्शन नए वाहन खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा. अब लोगों के मन में इसे लेकर कई तरह से सवाल हैं कि क्या इसके फायदे होंगे या फिर यह नई गाड़ी खरीदने वालों के खर्च को बढ़ाएगा.

By: Kunal Mishra | Published: August 6, 2026 3:27:36 PM IST



Vehicle Insurance Rules: नई कार और बाइक खरीदने वालों के लिए एक बड़ी खबर आई है. सुप्रीम कोर्ट ने देश में बिकने वाली सभी नई गाड़ियों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस की अवधि को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. इसे एक-एक साल तब बढ़ाया जाएगा. सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटना पीड़ितों को सही समय पर मुआवजा दिलाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कदम उठाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने IRDAI को इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है.

हालांकि, इसका सीधा कनेक्शन नए वाहन खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा. अब लोगों के मन में इसे लेकर कई तरह से सवाल हैं कि क्या इसके फायदे होंगे या फिर यह नई गाड़ी खरीदने वालों के खर्च को बढ़ाएगा. 

4 साल का होगा थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस

नई गाड़ी खरीदते समय शोरूम से ही ग्राहकों को 3 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस दिया जाता है. अब तक हर नई गाड़ी लेने पर यह अनिवार्य होता था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के आने के बाद से इसे 3 साल की जगह पर 4 साल के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. यह फिलहाल 4 व्हीलर यानी कार और अन्य 4 पहिया वाहन खरीदने वालों के लिए है. वहीं, अगर आप कोई नई बाइक या स्कूटर खरीदते हैं तो आपको 5 साल के बजाय पूरे 6 साल का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर एक साथ ही लेना होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में कुल चल रही गाड़ियों में से आज भी 56 फीसदी वाहन बिना इंश्योरेंस के ही चल रहे हैं. इस लापरवाही को रोकने के लिए कोर्ट द्वारा यह कदम उठाया गया है. 

कितना बढ़ जाएगा प्रीमियम?

अब 4 पहिया वाहनों में 4 साल और दो पहिया वाहनों में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 6 साल के लिए कर देने से ग्राहकों की जेब पर इसका असर पड़ेगा. हालांकि, इसका प्रीमियम इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने सीसी के इंजन की गाड़ी ले रहे हैं. हालांकि, इससे कोई ज्यादा का इंतर नहीं आएगा. इसका प्रीमियम सरकार और IRDA द्वारा तय किए जाते हैं.

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