Car Alloy Wheels: आजकल लोग नई कार लेने के बाद उसे मॉडिफाई कराना एक बेहतर विकल्प मानते हैं. लेकिन, कई बार गाड़ी की मॉडिफिकेशन कराना नुकसानदायक भी हो सकता है. अक्सर लोग अपनी नई कार को एक अलग लुक देने के लिए कार में स्टील व्हील्स छोड़कर अलॉय व्हील्स लगवाने के बारे में सोचते हैं. लेकिन, क्या वाकई यह सही फैसला हो सकता है. हालांकि, देखा जाए तो केवल शानदार लुक देखकर अलॉय व्हील्स लगवा लेना हमेशा सही फैसला नहीं होता है. स्टील व्हील्स और अलॉय व्हील्स दोनों की अपनी अलग खूबियां हैं.
अगर आप इसे लगवाने भी जा रहे हैं तो ऐसे में कीमत से लेकर रखरखाव तक का भी ध्यान रखना चाहिए. अगर आप भी अपनी कार के स्टील व्हील्स बदलकर अलॉय व्हील्स लगाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले दोनों के बीच का अंतर और उनसे जुड़े फायदे-नुकसान अच्छी तरह समझ लेना चाहिए.
Steel Rim और Alloy Wheels में क्या है अंतर?
आमतौर पर आपने देखा होगा कि कार लॉन्च होने के बाद उसके बेस वैरिएंट और टॉप मॉडल में अलग-अलग व्हील्स होते हैं. देखा जाए तो टॉप वेरिएंट्स अलॉय व्हील्स लगाए जाते हैं. वहीं, दूसरी तरफ बेस वेरिएंट में स्टील रिम ही ऑफर किए जाते हैं. देखा जाए तो स्टील रिम की तुलना में अलॉय व्हील्स का वजन कम होता है. इसके साथ ही टायरों और इंजन के लिहाज से भी अलॉय व्हील फायदेमंद माना जाता है. इसलिए स्टील रिम की तुलना में कार में अलॉय व्हील लगवाना ज्यादा बेहतर माना जाता है. अगर आप अपनी कार में अलॉय व्हील लगवाने जा रहे हैं तो यह एक अच्छा और समझदारीभरा फैसला माना जाता है.
कार में अलॉय व्हील लगवाने के फायदे
कार में अलॉय व्हील्स लगवाना कई तरीकों से फायदेमंद माना जाता है. दरअसल. अलॉय व्हील्स का वजन कम होता है, जिससे न तो इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और न ही कार की बॉडी पर भी किसी तरह का दबाव आता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इससे माइलेज बेहतर मिल जाती है. अलॉय व्हील्स को लगवाने से कार की परफॉर्मेंस में भी इजाफा देखा जाता है. अलॉय व्हील्स वजन में हल्के होने के चलते आपको एक बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरिएंस और हैंडलिंग देता है. इसे लगवाने से आपको काफी हद तक ब्रेकिंग परफॉर्मेंस में भी फायदा मिलता है. इससे कहीं न कहीं आप सुरक्षित तरीके से ड्राइविंग कर सकते हैं.