Cyber Fraud: आज की डिजिटल लाइफ में इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन, यह जितना ही आसान होता जा रहा है एक तरह से उतना ही लोगों के लिए समस्या का सबब भी बनता जा रहा है. बैंकिंग से लेकर शॉपिंग और किसी भी बिल को भरने के लिए जहां, UPI और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल हो रहा है वहीं, लोगों के साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. हाल ही में एक ऐसे स्कैम का पर्दाफाश हुआ है, जहां स्कैमर्स या साइबर अपराधी साइबर क्राइम की फेक वेबसाइट बनाकर लोगों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं.
ये अपराधी इस तरह फर्जी वेबसाइट बनाते हैं, जिससे लोगों को भरोसा हो सके कि यह सरकारी वेबसाइट है. चलिए आपको बताते हैं कि इन वेबसाइट्स की पहचान कैसी की जा सकती है.
कैसे हो रहा है स्कैम?
इस पूरे मामले और साइबर ठगी की पहचान करने के लिए हाल ही में साइबर दोस्त I4C ने अपने आधिकारिक X अकाउंट से एक पोस्ट किया है. पोस्ट के मुताबिक अगर आप किसी ब्राउजर पर सर्च कर रहे हैं कि साइबर क्राइम को कैसे रिपोर्ट करें. तो ऐसे में संभव है कि आप किसी और फेक वेबसाइट पर पहुंच जाएं. ज्यादातर मामलों में साइबर स्कैमर्स National Cyber Crime Reporting Portal के स्क्रीनशॉट इस्तेमाल कर फेक वेबसाइट बनाते हैं.
इस वेबसाइट पर पहुंचने के बाद लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं. इस फर्जी वेबसाइट पर ‘Your Device/Computer has been blocked’ जैसा नॉटिफिकेशन आ सकता है. अब ग्राहकों या साइबर क्राइम के शिकार होने वाले लोगों से डिवाइस को अनब्लॉक करने के लिए पैसों की मांग की जाती है. इस पूरे मामले में I4C ने लोगों से न घबराने की अपील की है और किसी भी तरह के भुगतान को नहीं करने की सलाह दी है.
🚨Scam Alert!
Scammers are using screenshots & fake versions of the National Cyber Crime Reporting Portal to trick citizens searching for “how to report cybercrime” pic.twitter.com/j64yFVvuIZ
— CyberDost I4C (@Cyberdost) June 25, 2026
कैसे करें साइबर क्राइम से बचाव?
अगर आप इन साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचना चाहते हैं तो ऐसे में http://cybercrime.gov.in ही टाइप करें, जिससे कि असली वेबसाइट आपके सामना खुलकर आए. इसके अलावा आपको यह ध्यान रखना है कि सरकार कभी भी आपके कोई नोटिफिकेशन भेजकर या फिर आपके डिवाइस को लॉक करके आपसे पैसों की डिमांड नहीं करेगी. अगर आपको लगता है कि आप भी साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं तो ऐसे में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल ही कॉल करें.