Home > टेक - ऑटो > Samsung का फोन खरीदने से पहले हो जाएं सतर्क! 1 लाख रुपये के मोबाइल की ऐसी हालत; उपभोक्ता आयोग ने भी दी कंपनी को चेतावनी

Samsung का फोन खरीदने से पहले हो जाएं सतर्क! 1 लाख रुपये के मोबाइल की ऐसी हालत; उपभोक्ता आयोग ने भी दी कंपनी को चेतावनी

Samsung Phone Problem: अगर आप भी Samsung के प्रॉडक्ट इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो आपके लिए यह खबर बहुत काम की है. क्योंकि हाल में Samsung के फोन में तकनीकी खराबी के कारण केरल के कन्नूर के एक ग्राहक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में ग्राहक को उपभोक्ता आयोग तक जाना पड़ा.

By: Shristi S | Last Updated: August 25, 2026 2:44:18 PM IST



Samsung Phone Warning: फ्लैगशिप स्मार्टफोन के नाम पर अगर कोई ग्राहक करीब 1 लाख रुपये खर्च करे, तो उसकी सबसे बड़ी उम्मीद होती है कि फोन बेहतरीन चलेगा और खराबी आने पर कंपनी तुरंत ग्राहक की मदद करेगी. लेकिन, केरल के कन्नूर में Samsung Galaxy S23 Ultra खरीदने वाले ग्राहक के साथ इससे पूरा उलटा हुआ. 

फोन डिलीवर होने के कुछ दिनों बाद ही वह गर्म होने लगा. ग्राहक शिकायत लेकर Samsung के सर्विस सेंटर पहुंचा, लेकिन उसकी समस्या को गंभीरता से लेने के बजाय फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट करके वापस कर दिया गया. मामला बाद में उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा. फिर उसके बाद क्या हुआ चलिए विस्तार से जानते हैं.

1 लाख रुपये खर्च कर खरीदा था Samsung का फ्लैगशिप फोन

कन्नूर जिले के कनहीरोड निवासी श्रीकांत थेक्कन ने 27 जनवरी 2024 को Flipkart के जरिए Samsung Galaxy S23 Ultra 5G खरीदा था. इसकी कीमत करीब 1 लाख रुपये थी. फोन 29 जनवरी को उनके पास पहुंचा. लेकिन फोन इस्तेमाल करने के कुछ ही समय बाद उसमें ओवरहीटिंग की समस्या सामने आने लगी. 

ग्राहक ने कैमरे की क्वालिटी को लेकर शिकायत की. उनका कहना था कि फोन का कैमरा Samsung के विज्ञापनों में दिखाए गए जैसा नहीं था. महज दो हफ्ते के भीतर यानी 12 जनवरी 2024 को श्रीकांत Samsung के सर्विस सेंटर ब्राइट केयर,कन्नूर पहुंच गया. 

Samsung सर्विस सेंटर पहुंचने पर क्या हुआ?

यही वह किस्सा है, जिसने बाद में पूरे मामले को उपभोक्ता आयोग तक पहुंचाया. ग्राहक श्रीकांत का आरोप था कि फोन नॉर्मल तरीके से इस्तेमाल करने के बाद भी जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा था. लेकिन, सर्विस सेंटर ने जांच के बाद कथित तौर पर कहा कि फोन का गर्म होना नॉर्मल है. इसके बाद सर्विस सेंटर ने डिवाइस का सॉफ्टवेयर अपडेट किया और फोन ग्राहक को वापस कर दिया.

फोन बदलने की मांग पर भी उस वक्त कोई समाधान नहीं मिला. Samsung की सर्विस सेंटर की ओर से कहा गया कि निर्माता की मंजूरी के बिना वह फोन रिप्लेस नहीं कर सकते. यानी ग्राहक करीब 1 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी उस समस्या के समाधान के लिए दूसरी जगह मजबूर हुआ.

Flipkart से शिकायत करने पर क्या हुआ?

Samsung सर्विस सेंटर की तरह Flipkart में भी शिकायत को कोई फायदा नहीं हुआ और ग्राहक को मजबूरन मामला सुलझाने के लिए उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी. वह अप्रैल 2024 में शिकायत के लिए गया. इसके बाद Samsung India, Bright Care, Flipkart और थर्ड-पार्टी सेलर CIGFIL Ltd को मामले में पक्ष बनाया गया.

Samsung India ने क्या सफाई दी?

मामले की सुनवाई के दौरान Samsung India की ओर से भी ग्राहक के आरोपों का सीधा समाधान देने के बजाय अलग बचाव पेश किया गया. कंपनी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता ने सेकंड-हैंड फोन खरीदा था और वारंटी कार्ड देखे बिना कंपनी से किसी समस्या के समाधान की मांग नहीं की जा सकती. इसके अलावा Samsung की ओर से यह आपत्ति भी उठाई गई कि असली विक्रेता को मामले में पक्षकार नहां बनाया गया था.

बाद में CIGFIL Ltd को भी मामले में शामिल किया गया. कंपनी ने खुद को केवल रीसेलर बताया और कहा कि उत्पाद डिलीवर होने के बाद उसकी भूमिका खत्म हो जाती है. उसने किसी खराबी की जिम्मेदारी निर्माता पर डाल दी. इस तरह ग्राहक की शिकायत का समाधान करने के बजाय मामला Flipkart, Seller, Service Centre और Samsung India के बीच जिम्मेदारी तय करने तक पहुंच गया.

आयोग ने Samsung के ही दस्तावेजों से क्या पाया?

Consumer Commission ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजों को अहम माना. इनमें CIGFIL का 27 जनवरी 2024 का टैक्स इनवॉइस शामिल था. इस दस्तावेज में फोन की खरीद कीमत और तरीख दर्ज थी. इसमें डिवाइस के लिए एक साल की मैन्युफैक्चरर वारंटी और इन-बॉक्स एक्सेसरीज के लिए 6 महीने की वारंटी का जिक्र था. इसके अलावा Samsung सर्विस सेंटर की ओर से जारी 14 फरवरी 2024 का सर्विस रिक्वेस्ट एक्नॉलेजमेंट भी रिकॉर्ड में था. 

इससे यह सामने आया कि ग्राहक ने खरीद के कुछ ही दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कराई थी. खास बात यह रही कि Samsung India की ओर से पेश किए गे उसके अपने वारंटी दस्तावेज में भी डिवाइस पर एक साल की वारंटी की पुष्टि हुई. आयोग ने यह भी नोट किया कि विपक्षी पक्षों में  से किसी ने अपने दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज सबूत पेश नहीं किए. खासतौर पर यह साबित नहीं किया जा सका कि फोन वाकाई सेकंड-हैंड था, खराबी वारंटी अवधि के बाद आई थी या संबंधित पक्ष पूरी तरह अपनी जिम्मेदारी से मुक्त थे. यानी Samsung की ओर से उठाई गई सेकंड-हैंड फोन वाली आपत्ति को भी आयोग के सामने पर्याप्त सबूत से साबित नहीं किया जा सका.

Samsung समेत चारों पक्षों को आयोग ने ठहराया जिम्मेदार

कन्नूर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मामले में Samsung India, Bright Care, Flipkart और CIGFIL Ltd को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया. आयोग ने आदेश दिया कि चारों पक्ष मिलकर ग्राहक के फोन को ऑर्डर की तारीख से एक महीने के भीतर मुफ्त में रिपेयर करें, या फिर उसे फोन की पूरी खरीद कीमत यानी 1 लाख रुपये वापस करें. इतना ही नहीं, ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए 20 हजार रुपये और मकदमे के खर्च के रूप में 7 हजार रुपये देने का आदेश दिया गया.

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो 1 लाख रुपये के रिफंड और 20 हजार रुपये के मुआवजे पर आदेश की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 9 फीसदी सालाना ब्याज लगाया जाएगा. आदेश के पालने के बाद संबंधित पक्ष ग्राहक से फोन वापस लेने के लिए आजाद होंगे.

Samsung के प्रॉडक्ट लेने वालों के लिए बड़ी बात

अगर आप भी Samsung के प्रॉडक्ट इस्तेमाल करना पसंद करते हैं और तो याद से खरीदारी के बाद बिल, वारंटी और सर्विस से जुड़े सभी दस्तानेज संभालकर रखें. अगर प्रोडक्ट में शुरुआती दिनों में कोई खराबी आती है, तो तुरंत सर्विस सेंटर पर शिकायत दर्ज कराएं और सर्विस रिक्वेस्ट और जॉब शीट की कॉपी जरूर लें.

Advertisement