Online customer care scams: आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन सेवाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं. ज्यादातर चीजें जैसे बिजली के बिल का भुगतान, एयरलाइन बुकिंग और फूड डिलीवरी जैसी सेवाएं ऑनलाइन सेवाएं दे रही हैं. हालांकि, जितनी ज्यादा ऑनलाइन सुविधाएं मिल रही हैं उतने ही ज्यादा साइबर क्राइम और ठगी के मामले भी तूल पकड़ रहे हैं. आमतौर पर लोग किसी भी काम में फंसने पर गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करते हैं और उसपर फोन मिलाकर अपनी समस्या का हल निकालना चाहते हैं. लेकिन, कई बार समस्या का समाधान निकल पाने के बजाय वे साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं.
इसलिए आसान तरीका आजमाने के चलते कहीं आप भी फ्रॉड या साइबर ठगी के शिकार न हो जाएं. चलिए आपको बताते हैं इससे बचने के आसान टिप्स के बारे में.
कैसे होता है फ्रॉड?
हाल ही में आई4सी के आधिकारिक X हैंडल पर एक मामला शेयर किया गया है, जिसमें एक रिटायर्ड आर्मी अधिकारी के साथ गलत कस्टमर केयर नंबर डायलल करने से फ्रॉड हो गया है. आई4सी के आधिकारिक X हैंडल इसमें SEO का भी बड़ा हाथ होता है. दरअसल, स्कैमर्स SEO के जरिए फेक वेबसाइट और फेक फोन नंबर्स बनवाते हैं, जिसके बाद उसे सर्च इंजन यानि गूगल पर रैंक कराते हैं. इसके बाद अगर आप किसी संबंधित विभाग या समस्या को लेकर कस्टमर केयर नंबर सर्च करते हैं तो ऐसे में वह फर्जी नंबर सबसे ऊपर दिखाई देता है. अब आप द्वारा फोन लगाने पर स्कैमर्स आपसे किसी तरह का लिंक भेजकर या अन्य तरीकों से पैसों की ठगी कर लेते हैं.
स्कैम होने पर क्या करना चाहिए?
सबसे पहले तो आपको किसी वैलिड या सही जगह पर दिए गए कस्टमर केयर नंबर का ही इस्तेमाल करना चाहिए. अगर फिर भी आपके साथ ठगी या फ्रॉड हो जाए तो ऐसे में आपको सबसे पहले https://cybercrime.gov.in/ पर तुरंत रिपोर्ट करना है. अब इसके बाद 1930 पर कॉल करके अपने साथ हुए साइबर क्राइम के बारे में जानकारी देनी है.