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Meta के बाद अब Google पर गिरी गाज! लॉन्च के अगले ही दिन वापस लेना पड़ा यह AI फीचर

गूगल अर्थ ने लॉन्च के 24 घंटे के भीतर ही अपना नया AI फीचर वापस ले लिया है. गलत तस्वीरों और पॉलिसी उल्लंघन के बाद कंपनी को यह फैसला लेना पड़ा. जानिए पूरा मामला.

By: Shivani Singh | Published: August 2, 2026 10:02:02 PM IST



गूगल ने अपने लोकप्रिय प्लेटफॉर्म ‘गूगल अर्थ’ में हाल ही में लॉन्च किए गए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर को अचानक वापस ले लिया है. इस फीचर के जरिए यूजर्स दुनिया की किसी भी लोकेशन की बिल्कुल असली (फोटो-रियलिस्टिक) दिखने वाली तस्वीरें जनरेट कर सकते थे. हालांकि, इसे शुरू हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि विवादों के चलते कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा.

गूगल की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि लोगों ने इस AI टूल से जनरेट की गई ऐसी तस्वीरों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किए, जो कंपनी की नीतियों और नियमों का उल्लंघन कर रहे थे.

गूगल अर्थ के प्रॉडक्ट मैनेजर ब्रायन हॉरोविट्ज़ ने इस फैसले पर सफाई देते हुए कहा, ‘हम अच्छी तरह जानते हैं कि दुनिया की सही और सटीक जानकारी के लिए लोग गूगल अर्थ पर बहुत भरोसा करते हैं. हमने देखा कि कई एक्सपर्ट्स और प्रोफेशन्ल्स इस टूल का इस्तेमाल काफी काम की चीज़ों के लिए कर रहे थे. लेकिन इसके साथ ही, कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आईं जो हमारी पॉलिसी के खिलाफ थीं. यही वजह है कि सेफ्टी फीचर्स और कड़े नियमों को लागू करने तक हम इस फीचर को फिलहाल गूगल अर्थ से हटा रहे हैं.’

कैसे काम करता था यह AI फीचर?

गूगल के एडवांस Nano Banana 2 AI मॉडल पर आधारित यह टूल यूजर्स को केवल एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट (लिख कर निर्देश) देने पर किसी भी जगह की रियलिस्टिक फोटो बनाकर दे देता था. इसके लिए यह टूल गूगल अर्थ में पहले से मौजूद सैटेलाइट, एरियल और 3D इमेज की मदद लेता था. गूगल का यह भी कहना है कि इन तस्वीरों पर AI वॉटरमार्क लगा होता था और यह तस्वीरें गूगल अर्थ के मेन एक्सपीरियंस में बाकी यूजर्स को दिखाई नहीं देती थीं.

हालांकि, कंपनी ने साफ तौर पर यह नहीं बताया है कि किस तरह की तस्वीरों की वजह से पॉलिसी का उल्लंघन हुआ.

AI रेस और सुरक्षा की चुनौती

दिग्गज टेक कंपनियों के बीच AI फीचर्स को जल्द से जल्द मार्केट में उतारने की होड़ मची हुई है, लेकिन सुरक्षा और प्राइवेसी के मोर्चे पर उन्हें बार-बार पीछे हटना पड़ रहा है. हाल ही में मेटा (Meta) को भी अपने Muse Image फीचर को बंद करना पड़ा था. इस फीचर के जरिए यूजर्स इंस्टाग्राम के पब्लिक अकाउंट्स की मदद से नई तस्वीरें बना पा रहे थे, जिसका प्राइवेसी और गलत इस्तेमाल को लेकर काफी विरोध हुआ था.

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