EV Charging Cost vs Petrol Car: भारत में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने वाहन खरीदने वालों को कंफ्यूजन में डाल दिया है. अब लोग पेट्रोल और डीजल की कार लेने से पहले फ्यूल के दूसरे विकल्प देखने पड़ते हैं. कुछ साल पहले तक जहां, कार खरीदते समय ज्यादातर लोग इंजन, माइलेज और ब्रांड पर ध्यान देते थे. वहीं, अब सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि कार को चलाने का हर महीने का खर्च कितना आएगा. इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों में एक धारणा है कि ईवी कारें जेब पर कम भारी पड़ती हैं.
हालांकि, पिछले कुछ समय से ईवी वाहनों की लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ी है. लेकिन, क्या वाकई ईवी कारें आपके खर्च को कम करती हैं या फिर यह केवल एक भ्रम और दिखावा ही है. चलिए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में.
इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग कॉस्ट?
देखा जाए तो इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग कॉस्ट चार्जिंग करने के तरीके और जगह पर निर्भर करती है. अगर आप घर पर ही चार्जर लगाकर अपनी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करते हैं तो ऐसे में कार को फुल चार्ज करने का खर्च 250 से 450 रुपये के बीच आ सकता है. यह आपके राज्य के घरेलू बिजली शुल्क पर निर्भर करता है. इससे प्रति किलोमीटर की रनिंग कॉस्ट 1 से 1.5 पड़ती है, अगर आप कार को घर पर चार्ज करते हैं. वहीं, अगर आप पब्लिक स्टेशन पर चार्जिंग करते हैं या फिर सार्वजनिक जगहों पर डीसी फास्ट चार्जर (DC Fast Charger) से चार्ज करते हैं तो ऐसे में 20 से 30 रुपये प्रति यूनिट का खर्च आता है.
कौन सी कार बचाएगी आपके पैसे?
देखा जाए तो ऐसा जरूरी नहीं है कि इलेक्ट्रिक कार आपके पैसे बचाएगी, बल्कि, अगर आप एक अच्छी पेट्रोल हैचबैक लेते हैं तो वह भी आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगी. पेट्रोल कारों में भी आप 25 से 30 का माइलेज आसानी से निकाल सकते हैं. इसलिए आपको यह देखना चाहिए कि आप किस साइज और इंजन की कार ले रहे हैं, जो आपके लिए कितनी सही रहेगी.