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दुनिया का डिजिटल किंग! 1.3 अरब इंटरनेट यूजर्स के साथ ये देश टॉप पर; भारत दूसरे स्थान पर

Global Internet Users Statistics: भारत करीब 80.6 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि अमेरिका लगभग 32.2 करोड़ यूजर्स के साथ तीसरे नंबर पर बना हुआ है.

By: Shubahm Srivastava | Published: May 31, 2026 8:09:32 PM IST



World Largest Internet User Base: इंटरनेट आज दुनिया की सबसे जरूरी सेवाओं में शामिल हो चुका है और अरबों लोग रोजाना डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर रहे हैं. हालांकि सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बनने के बावजूद भारत इंटरनेट यूजर्स की संख्या में पहले स्थान पर नहीं है. यह रिकॉर्ड चीन के नाम है, जिसने डिजिटल कनेक्टिविटी और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के दम पर दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस तैयार कर लिया है.

चीन में 1.3 अरब के करीब इंटरनेट यूजर्स

2025 के अंत तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चीन में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 1.3 अरब तक पहुंच चुकी है. इसका मतलब है कि दुनिया का हर पांचवां इंटरनेट यूजर चीन से आता है. देश की इंटरनेट पहुंच दर (Internet Penetration Rate) 80 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जो दर्शाती है कि अधिकांश आबादी ऑनलाइन सेवाओं से जुड़ चुकी है.

भारत करीब 80.6 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि अमेरिका लगभग 32.2 करोड़ यूजर्स के साथ तीसरे नंबर पर बना हुआ है. यह अंतर बताता है कि चीन ने डिजिटल विस्तार के मामले में कितनी बड़ी बढ़त हासिल कर ली है.

कई विकसित देशों से भी बड़ा डिजिटल नेटवर्क

चीन के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या इतनी अधिक है कि यह अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा जैसे कई विकसित देशों के कुल ऑनलाइन यूजर्स को मिलाकर भी उससे ज्यादा है. चीन के आधिकारिक इंटरनेट नियामक संस्थान के अनुसार, देश में इंटरनेट पहुंच लगातार बढ़ रही है और ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाएं तेजी से पहुंच रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सस्ते स्मार्टफोन और सरकारी डिजिटल योजनाओं ने चीन को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

चीन का इंटरनेट इकोसिस्टम क्यों है अलग?

चीन की डिजिटल दुनिया बाकी देशों से काफी अलग मानी जाती है. वहां Google, Amazon और कई अन्य विदेशी प्लेटफॉर्म्स सीमित या उपलब्ध नहीं हैं. इसके स्थान पर घरेलू तकनीकी कंपनियों ने मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया है.

Alibaba, Tencent और Baidu जैसे प्लेटफॉर्म चीन के ई-कॉमर्स, सर्च और डिजिटल सेवाओं पर हावी हैं. वहीं सोशल मीडिया में WeChat, Weibo और Kuaishou जैसे प्लेटफॉर्म्स का दबदबा है, जबकि दुनिया के अन्य हिस्सों में Facebook, X और YouTube ज्यादा लोकप्रिय हैं.

डिजिटल पेमेंट और AI में भी चीन आगे

चीन केवल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में ही नहीं, बल्कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी अग्रणी देशों में शामिल है. 2025 के मध्य तक ऑनलाइन पेमेंट उपयोगकर्ताओं की संख्या 1.02 अरब से अधिक पहुंच गई थी. इसका अर्थ है कि लगभग 91 प्रतिशत इंटरनेट यूजर किसी न किसी रूप में डिजिटल पेमेंट सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं.

इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने में भी चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है. दिसंबर 2025 तक करीब 60.2 करोड़ लोग जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे. मार्च 2025 तक देश में 346 जनरेटिव AI सेवाएं आधिकारिक रूप से पंजीकृत की जा चुकी थीं.

एशिया बन रहा है दुनिया का डिजिटल केंद्र

चीन और भारत को मिलाकर देखें तो दोनों देशों में मौजूद इंटरनेट यूजर्स की संख्या दुनिया के कई बड़े देशों के संयुक्त इंटरनेट यूजर्स से भी अधिक है. यह दर्शाता है कि वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का केंद्र धीरे-धीरे पश्चिमी देशों से एशिया की ओर शिफ्ट हो रहा है.

आने वाले वर्षों में इंटरनेट, डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स और AI तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ चीन और भारत वैश्विक डिजिटल विकास की दिशा तय करने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. एशिया का यह डिजिटल विस्तार दुनिया की टेक्नोलॉजी और इंटरनेट अर्थव्यवस्था का भविष्य तय करने वाला माना जा रहा है.

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