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लीक हुआ Bank of Baroda के ग्राहकों का डेटा? 1TB लीक के दावे के बाद बैंक का आया पहला बयान

बैंक ऑफ बड़ौदा में 1TB डेटा लीक के दावे के बाद मचा हड़कंप! बैंक ने कर्मचारी का ईमेल हैक होने की बात मान जारी किया बयान, जानिए कितना सुरक्षित है आपका डेटा.

By: Shivani Singh | Last Updated: July 27, 2026 7:24:10 PM IST



बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के डेटा लीक मामले को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. एक हैकर द्वारा बैंक से जुड़े करीब 1 TB (टेराबाइट) डेटा, जिसमें ग्राहकों के रिकॉर्ड और इंटरनल डॉक्यूमेंट्स शामिल होने का दावा था, लीक करने की बात कहे जाने के बाद बैंक ने अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया है.

बैंक का कहना है कि यह पूरा मामला एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट में हुई सेंधमारी (कंप्रोमाइज) की वजह से हुआ, जिससे कुछ डेटा तक अनधिकृत पहुंच (unauthorised access) बन गई. हालांकि, बैंक ने ग्राहकों को राहत देते हुए साफ किया है कि उसका कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें कोई सेंध नहीं लगी है.

बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में क्या कहा?

सोमवार को जारी बयान में बैंक ने बताया कि मामले का पता चलते ही तुरंत इसे काबू में करने के कदम उठाए गए थे. ‘यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट में सेंधमारी से जुड़ी है, जिसकी वजह से कुछ डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनी. मामले की पहचान तुरंत कर ली गई थी और इसे रोकने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाए गए. बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और उस तक कोई पहुंच नहीं हुई है.’

बैंक ने आगे बताया कि घटना की गहराई से जांच के लिए फॉरेंसिक इंक्वायरी शुरू कर दी गई है और नियमों के तहत संबंधित अथॉरिटीज के साथ तालमेल बनाकर काम किया जा रहा है.

‘बैंक ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव फॉरेंसिक जांच शुरू की है. लागू नियमों और रेगुलेटरी जरूरतों के मुताबिक संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है.’

आखिर क्या था हैकर का दावा?

यह बयान हैकर के उस दावे के कुछ ही घंटों बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि बैंक ऑफ बड़ौदा का लगभग 1TB डेटा लीक हो गया है. दावों के मुताबिक, लीक हुई फाइलों में ग्राहकों के रिकॉर्ड, बैंकिंग जानकारी, अंदरूनी दस्तावेज, ऑडिट रिपोर्ट और कंप्लायंस रिकॉर्ड शामिल हैं. हालांकि, बैंक ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है और न ही यह साफ किया है कि ग्राहकों का कितना या किस तरह का डेटा प्रभावित हुआ है.

घटना कैसे हुई?

अपने बयान से बैंक ने यह तो साफ कर दिया है कि यह मामला कोर बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का नहीं, बल्कि एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट का है. हालांकि, ईमेल अकाउंट कैसे कंप्रोमाइज हुआ और उससे किस तरह का डेटा एक्सेस किया गया, इस पर बैंक ने फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की है. बैंक का कहना है कि फॉरेंसिक जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की तस्वीरें साफ हो पाएंगी.

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