केरल. केरल में मंगलवार को जीका वायरस का चौथा मामला सामने आया, जिसमें राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 23 हो गई. राज्य सरकार ने 17-18 जुलाई को दो दिन के पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान भी किया है।

केरल में जीका वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने पूरे केरल में अलर्ट जारी कर दिया है. वहीं उनका कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी ने उनकी चिंता को बढ़ा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने जानकारी देते हुए कहा है कि चार नए मामलों के आने के बाद राज्य में जीका वायरस संक्रमितों का आंकड़ा 23 पर पहुंच गया है। वहीं चारों नए मामले तिरुवनंतपुरम से सामने आए हैं। उन्होंने कहा है कि जीका वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, फिलहाल तिरुवनंतपुरम और ऐसे जिले जहां पिछले कुछ वर्षों में डेंगू की कई घटनाएं हुई हैं, वहीं इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

जीका वायरस के लक्षण

जीका वायरस के लक्षण चिकनगुमिया और डेंगू जैसे होते हैं। आमतौर पर मच्छर के काटे जाने के 2-7 दिन के बीच कोई भी जीका वायरस से संक्रमित होता है। बता दें कि संक्रमित मरीज में हल्का बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी जैसे लक्ष्ण दिखाई पड़ते हैं।

कैसे हो बचाव

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति अगर पर्याप्त आराम करता है तो इस संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। जीका वायरस के लिए फिलहाल कोई एंटी फंगल दवा या वैक्सीन का निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे में सबसे बेहतर उपाय है कि मच्छरों के दिन के समय काटने से बचा जाए। यह वायरस गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक है क्योंकि इससे भ्रूण को वायरस मिल सकता है। इस कारण पैदा होने वाले बच्चे में किसी तरह की विकाक की संभावना बढ़ जाती है।

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